दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

बीएसपी ने रावघाट रेल परियोजना प्रभावित परिवारों के 03 सदस्यों को रोजगार के लिए सौंपा ऑफर लेटर

भिलाई इस्पात संयंत्र, जो दल्ली-राजहरा से रावघाट रेल लाइन परियोजना के निर्माण में आर्थिक रूप से सहयोग कर रहा है, ने रेल-लाइन परियोजना से प्रभावित परिवारों में से 177 लोगों को आईटीआई में प्रशिक्षित कर भिलाई इस्पात संयंत्र में रोजगार देने की जिम्मेदारी ली है।

रावघाट रेल परियोजना प्रभावित परिवारों (पीएएफ) के तीन नए सदस्यों को रोजगार के लिए आफर लेटर 09 मार्च 2024 को कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) पवन कुमार द्वारा सौंपा गया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (कार्मिक) संदीप माथुर, महाप्रबंधक (खदान-रावघाट) जयप्रकाश, महाप्रबंधक (कार्मिक एनडब्ल्यू एवं खान) सूरज कुमार सोनी, महाप्रबंधक (औद्योगिक संबंध) जेएन ठाकुर और महाप्रबंधक (ईडी सचिवालय) एच शेखर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इसके अलावा अवसर पर उपमहाप्रबंधक (कार्मिक) प्रताप शेखर नायक, सहायक महाप्रबंधक (रावघाट) सचिन रंगारी, सहायक महाप्रबंधक (कार्मिक) केके साहू, वरिष्ठ प्रबंधक (पर्स-रिक्रूटमेंट) वसंत कुमार और खान विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों सहित श्रम कल्याण अधिकारी दौलतराम भी उपस्थित थे।

कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) पवन कुमार ने अपने संबोधन में बीएसपी कलेक्टिव का हिस्सा बनने पर लाभार्थियों का स्वागत किया और कहा कि अब आप भिलाई इस्पात सयंत्र के राजदूत बन गए हैं। मुझे आशा है कि रावघाट माइंस में सयंत्र की सेवा करते हुए, आप सभी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी लगन और निष्ठा से निभाएंगे, और रावघाट में समुदायों के बीच समग्र विकास और सेवा के बीएसपी के संदेश को फैलाएंगे।

मुख्य महाप्रबंधक (कार्मिक) संदीप माथुर ने अपने संबोधन में लाभार्थियों से रावघाट क्षेत्र के विकास में योगदान देने का आग्रह किया और कहा कि आप सभी भाग्यशाली हैं कि आप देश के विकास में योगदान देने वाले संगठन सेल-भिलाई इस्पात सयंत्र का हिस्सा बने हैं। मैं सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र परिवार में आपका स्वागत करता हू।

महाप्रबंधक (माइंस-रावघाट) जयप्रकाश ने कहा कि वर्तमान में, हम प्रतिदिन एक रेक का उत्पादन कर रहे हैं, हालांकि, हमारा लक्ष्य अपने उत्पादन को प्रतिदिन 12 रेक तक बढ़ाने का है। मुझे उम्मीद है कि आप सभी हमारा समर्थन करेंगे, ताकि हम जल्द ही दैनिक 12 रेक उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।

उल्लेखनीय है कि अब तक कांकेर के 108 और बालोद जिले के 37 लोगों सहित कुल 148 लोगों को आईटीआई प्रशिक्षित करने के बाद सेल-बीएसपी में नियुक्त किया गया है। इनमें 25 से अधिक महिला कर्मचारी शामिल हैं।

निर्माणाधीन दल्ली-राजहरा से रावघाट रेल लाइन ने, न केवल क्षेत्र में रहने वाली आदिवासी आबादी को रेल कनेक्टिविटी प्रदान की है, बल्कि इसने वनांचल के कई लोगों को रेलवे स्टेशनों और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्व-रोजगार के अवसर भी प्रदान किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button