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बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, जमानत की मंजूर

भिलाई। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। इस मामले में उनकी जमानत याचिका पर बहस पूरी हो चुकी थी। कोर्ट ने बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। कोर्ट ने शुक्रवार को चैतन्य बघेल की जमानत को लेकर आदेश जारी कर दिया है।

शराब घोटाला केस में गिरफ्तार चैतन्य बघेल 18 जुलाई से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। चैतन्य की ओर से अदालत में ED की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए राहत की मांग की गई थी। वहीं ED ने अपने पक्ष रखते हुए चैतन्य के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर विस्तार से तर्क दिया। वहीं चैतन्य की ओर से हर्षवर्धन परगनिहा ने पक्ष रखा। इस अहम मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में हुई।

ज्ञात हो कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) पिछले कुछ सालों से छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब स्कैम की जांच कर रहा है। यह जांच एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) और रायपुर में इकोनॉमिक ऑफेंस इन्वेस्टिगेशन विंग (EOW) द्वारा फाइल की गई FIR के आधार पर शुरू की गई थी। FIR इंडियन पीनल कोड (IPC) और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 की अलग-अलग धाराओं के तहत रजिस्टर की गई थी।

शुरुआती जांच से पता चला है कि राज्य में शराब खरीदने, बांटने और बेचने का पूरा सिस्टम एक ऑर्गनाइज़्ड नेटवर्क के कंट्रोल में था, जिसमें सरकारी अधिकारी, बिज़नेसमैन और पॉलिटिकल सपोर्ट वाले लोग शामिल थे। आरोप है कि शराब के नियमों में हेरफेर करके सरकारी खजाने को काफी नुकसान पहुंचाया गया।

ईडी की टीम ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को उनके दुर्ग स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। उसी दिन उनका जड़ों भी था, जमानत के लिए चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका लगाई थी लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया था। कोर्ट में ED ने अपने पक्ष रखते हुए चैतन्य के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों लगाए थे।

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