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आज देश मना रहा 75वें गणतंत्र दिवस का जश्न, दुनिया देखेगी कर्तव्य पथ पर भारत का दम, जानिए कौन होगा इस बार का चीफ गेस्ट?

75वें गणतंत्र दिवस का देश जश्न मना रहा है. कर्तव्य पथ पर आज सांस्कृति विरासत ही नहीं, बल्कि देश की ताकत का दम भी दिखाई देगा…

नईदिल्ली (ए)। भारत इस बार 75वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है. 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था. तब से हर वर्ष देशभक्ति और बड़े धूमधाम से गणतंत्र दिवस मनाया जाता है. इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रदर्शन करने वाली भव्य परेड निकाली जाती है, जिसकी सलामी राष्ट्रपति लेते हैं. यह केवल परंपरा का मामला नहीं है बल्कि सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर के रूप में राष्ट्रपति की भूमिका का प्रतिबिंब है।

इसी के साथ देशभर में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इस बार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों शुक्रवार (26 जनवरी) को दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे. आइए जानते हैं कि पिछले वर्षों में भारत के गणतंत्र दिवस पर कौन-कौन से प्रमुख नेता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

बता दें कि पिछले वर्षों में कई राष्ट्राध्यक्षों ने भारत के गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण 2021 और 2022 में किसी भी मुख्य अतिथि को आमंत्रित नहीं किया गया था।

पिछले गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी 2023 को मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए थे. 2020 ब्राजील के तत्कालीन राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो मुख्य अतिथि थे. 2019 में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए थे।

2018 में आसियान में शामिल नेता थे मुख्य अतिथि: 2018 में एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) के प्रमुख भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे, जिनमें ब्रुनेई के सुल्तान हसनल बोल्कियाह, कंबोडिया के प्रधानमंत्री जोको विडोडो, लाओस के तत्कालीन प्रधानमंत्री थोंगलुन सिसोलिथ, मलेशिया के तत्कालीन पीएम नजीब रजाक, म्यांमार की स्टेट काउंसलर रहीं आंग सान सू की, फिलीपींस के तत्कालीन राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते, सिंगापुर के पीएम ली सीन लूंग, थाईलैंड के तत्कालीन पीएम प्रयुत चन ओचा और वियतनाम के तत्कालीन पीएम गुयेन जुआन फुक शामिल थे।

2015 में बराक ओबामा और 2014 में शिंजो आबे थे चीफ गेस्ट: 2017 में अबू धाबी के तत्कालीन क्राउंस प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान इस समारोह में मुख्य अतिथि थे. 2016 में फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद, 2015 में अमेरिका का तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा, 2014 में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे, 2013 में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और 2012 में थाईलैंड की तत्तकालीन पीएम यिंगलक शिनावात्रा मुख्य अतिथि थीं।

व्लादिमीर पुतिन, नेल्सन मंडेला और क्वीन एलिजाबेथ कब बने थे मुख्य अतिथि? 2007 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बने थे. 2002 में मॉरीशस के तत्कालीन राष्ट्रपति कासम उतीम मुख्य अतिथि थे।

इसके अलावा, 1995 में दक्षिण अफ्रीका के तत्कालीन राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला,  1971 में तंजानिया के तत्कालीन राष्ट्रपति जूलियस न्येरेरे, 1967 में अफगानिस्तान के राजा मोहम्मद जहीर शाह, 1961 में ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय, 1960 में सोवियत संघ के नेता क्लिमेंट वोरोशिलोव और 1957 में सोवियत संघ के तत्कालीन रक्षा मंत्री  जॉर्जी जुकोव भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।

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