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व्हीआईपी सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, चार दिवसीय पीएसओ प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न

रायपुर। पुलिस ट्रांजिट मेस, पुलिस लाइन रायपुर में दिनांक 09 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2026 तक आयोजित चार दिवसीय पीएसओ (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर) प्रशिक्षण कार्यशाला का आज समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले, पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल (मध्य), सहायक पुलिस आयुक्त निलेश कुमार द्विवेदी एवं रक्षित निरीक्षक अनीश सारथी सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

समापन अवसर पर पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने अपने वक्तव्य में कहा कि छत्तीसगढ़ की राजधानी होने के कारण रायपुर में प्रतिदिन वीआईपी, वीवीआईपी, अन्य राज्यों के विशिष्ट अतिथियों एवं केंद्रीय मंत्रियों का आगमन होता रहता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

वीआईपी व्यक्तियों के निरंतर आवागमन को देखते हुए प्रशिक्षित एवं दक्ष निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इस चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने पूर्व में वर्ष 1984 एवं वर्ष 1991 में वीवीआईपी व्यक्तियों पर हुए हमलों की घटनाओं से सीख लेने और सुरक्षा व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि वीआईपी सुरक्षा एक अत्यंत संवेदनशील एवं जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है, जिसमें सतर्कता, अनुशासन, शारीरिक दक्षता, मानसिक सजगता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का विशेष महत्व है। सुरक्षा डयूटी के दौरान पीएसओ की छोटी-सी चूक भी गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से अपेक्षा की कि वे कार्यशाला के दौरान प्राप्त प्रशिक्षण एवं अनुभवों का उपयोग अपने कार्यक्षेत्र में करेंगे तथा नियमित अभ्यास के माध्यम से अपनी कार्यकुशलता बढ़ाते हुए सुरक्षा संबंधी नियमों का पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ पालन करेंगे। उन्होंने वीआईपी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और प्रत्येक परिस्थिति में पूर्ण सतर्कता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने हेतु निदेशित किया।

कार्यशाला का संचालन सहायक पुलिस आयुक्त लाईन निलेश द्विवेदी के सतत पर्यवेक्षण में किया गया। प्रशिक्षण में रक्षित निरीक्षक अनीश सारथी, प्रशिक्षु सूबेदार संतलाल यादव, सहायक उप निरीक्षक नीलकमल त्रिपाठी तथा वीआई पी सुरक्षा वाहिनी माना रायपुर के दक्ष एवं अनुभवी अतिथि प्रशिक्षकों जयंत पाल, एपीसी, वीआईपी सुरक्षा वाहिनी माना, प्रआरक्षक क्रमांक 119 राजेश तिवारी, वीआईपी सुरक्षा वाहिनी माना तथा आरक्षक क्रमांक 04 विकास मौर्य, 17वीं वाहिनी कबीरधाम के द्वारा वी आई पी सुरक्षा मानकों के अंतर्गत विशेष रूप से इनडोर एवं आउटडोर सत्रों के माध्यम से जवानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर, अमित तुकाराम कांबले, पुलिस उपायुक्त, तारकेश्वर पटेल डिप्टी पुलिस कमिश्नर (मध्य) कमिश्नरेट रायपुर ने प्रशिक्षण कार्यशाला के कुशल संचालन एवं प्रशिक्षण के सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उक्त चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के लिए कुल 86 महिला एवं पुरुष जवानों को नामांकित किया गया था। इनमें से 09 प्रशिक्षु शारीरिक दक्षता में पीएसओ के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने के कारण प्रशिक्षण पूर्ण नहीं कर सके। शेष 77 प्रशिक्षुओं ने इनडोर एवं आउटडोर प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के उपरांत सभी 77 प्रशिक्षुओं ने 9 एमएम पिस्टल से फायरिंग का अभ्यास एवं प्रशिक्षण दिया। मस्केट्री मैनुअल के अनुसार निर्धारित 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक था, जिसमें 07 प्रशिक्षु सफल नहीं हो सके। इस प्रकार कुल 70 प्रशिक्षुओं ने निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया।

प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षुओं को पाईंट शूटिंग, ड्राई प्रैक्टिस, वन-मैन पीएसओ एवं टू-मैन पीएसओ की कार्यप्रणाली तथा स्क्वाड ड्रिल का अभ्यास कराया गया। इसके अतिरिक्त वीआईपी के दाएं, बाएं, सामने एवं पीछे की ओर से संभावित खतरों की स्थिति में पीएसओ द्वारा की जाने वाली कार्रवाई तथा वीआईपी को सुरक्षित रखने के विभिन्न तरीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

कक्षागत सत्रों में पीएसओ की भूमिका, वेशभूषा, कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों, वीआईपी सुरक्षा की विभिन्न श्रेणियों तथा लिवरी, बैगेज, गनर एवं गारलैंड अधिकारियों की भूमिका के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही वीआईपी के निवास स्थान एवं कार्यालय की सुरक्षा, एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (एएसएल), एंटी-सबोटाज चेकिंग, एक्सेस कंट्रोल, मंच एवं सभा स्थल की सुरक्षा, रोड शो तथा कारकेड व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वीआईपी सुरक्षा में तैनात होने वाले जवानों की व्यावसायिक दक्षता, शारीरिक क्षमता, सतर्कता एवं त्वरित प्रतिक्रिया कौशल को मजबूत करना रहा। प्रशिक्षण के सफल समापन के साथ 70 जवानों ने निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण पूर्ण किया।

प्रशिक्षण सत्र में सर्वोत्तम अनुशासित प्रशिक्षणार्थी पुरूष वर्ग में आरक्षक 464 पलाश उपाध्याय एवं महिला वर्ग में महिला आरक्षक 1962 संतोषी टंडन को चयनित कर सम्मानित किया गया और यह उम्मीद है कि प्रशिक्षित जवान अपने अर्जित ज्ञान एवं कौशल का उपयोग करते हुए भविष्य में वीआईपी सुरक्षा की जिम्मेदारियों का निर्वहन अधिक दक्षता, अनुशासन एवं सजगता के साथ करेंगे।

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