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अध्यक्ष रतन दासगुप्ता एवं उनकी युवा टीम की मेहनत रंग लाई: उपलब्धियों से भरा रहा बीएसपी एंसीलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का 2 साल: उद्योगों को मिलने लगा दोगुना काम

 

भिलाई। बीएसपी एंसीलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन दासगुप्ता के नेतृत्व में एसोसिएशन ने रविवार, 26 फरवरी को कार्यकाल का 2 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया। यह 2 वर्ष उपलब्धियों से भरा रहा। ऐसे कई कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए जो पिछले 15-20 वर्षों से पेंडिंग थे। जिसके चलते मरणासन्न एसोसिएशन को जीवनदान मिला। अध्यक्ष श्री दासगुप्ता एवं उनकी टीम ने बीएसपी प्रबंधन एवं शासन- प्रशासन के अधिकारियों के साथ पत्राचार, भेंट-मुलाकात एवं व्यक्तिगत संपर्क बढ़ाकर एंसीलरी उद्योगों में फिर से जान फूंक दी। इसका परिणाम है कि एंसीलरी उद्योगों को मिलने वाला काम 2021 की तुलना में आज 2 गुना बढ़ चुका है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि एंसीलरी उद्योगों एवं बीएसपी का एक दूसरे पर भरोसा बढ़ा है।

अध्यक्ष श्री दासगुप्ता के नेतृत्व में युवाओं की नई टीम ने जब एसोसिएशन का पदभार संभाला, उसके तत्काल बाद ही कोरोना काल में काटा गया 5 माह का एलईडी माफ कर दिया गया। जबकि इसके लिए केंद्र सरकार के एमएसएमई मंत्रालय द्वारा कोई गाइडलाइन नहीं दी गई थी। एसोसिएशन की गाइडलाइन के आधार पर ही एंसीलरी उद्योगों को राहत पहुंचाई गई। एंसीलरी उद्योगों को जो 5 लाख का टेंडर मिलता था उसे बढ़ाकर 7 लाख किया गया। बीएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज अनिर्वाण दासगुप्ता से मुलाकात के बाद यह सफलता मिली। यही नहीं एंसीलरी उद्योगों के लिए नए 95 आइटम जोड़े गए और रिजर्व किए गए।

अध्यक्ष श्री दासगुप्ता ने बताया कि बिना परचेज ऑर्डर के बावजूद 1 वर्ष का गेट पास बना पाने में सफलता मिली, जो कि पहले तीन-तीन माह में बनता था। सीपीडी का वर्कलोड दुगना हुआ, बैंक गारंटी के हिसाब से काम मिलने लगा। जो पहले एक लोड मिलता था, वहां दो लोड मिलने लगा। अर्थात सीपीडी उद्योगों को दोगुना मटेरियल मिलने लगा। 15 वर्षों बाद एंसीलरी उद्योगों का कैटिगराइजेशन हुआ और क्षमता अनुसार उद्योगों को काम मिलने लगा। एसोसिएशन की एक उपलब्धि यह रही कि लगभग 10 वर्ष बाद बीएसपी प्रबंधन के साथ मिलकर गरिमामय ढंग से एंसीलरी डे मनाया गया। औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रही चोरी को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया। इससे औद्योगिक क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर काफी अंकुश लगा है।

अध्यक्ष श्री दासगुप्ता ने बताया कि पिछले 2 वर्षों की रात दिन की मेहनत अब रंग लाने लगी है। इसका असर एंसीलरी उद्योगों पर दिखने लगा है। वर्ष 2021 मार्च तक एंसीलरी उद्योगों को जहां 48 करोड का काम मिला था वही ठीक इसके अगले वर्ष मार्च 2022 में 89 करोड़ का काम मिला। उम्मीद की जा रही है कि मार्च 2023 में यह काम बढ़कर 125 करोड़ रुपए का हो जाएगा। श्री दासगुप्ता ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्ष 2023- 24 में एंसीलरी उद्योगों को 200 करोड़ का काम दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

श्री दासगुप्ता ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत रिवर्स इंजीनियरिंग करके यदि कोई नया प्रोडक्ट बनाता है तो उस प्रोडक्ट को उस उद्योग के लिए आरक्षित करने की मांग और आगामी 5 वर्षों तक उसे ही ऑर्डर देने की मांग बीएसपी प्रबंधन से की गई है। इस संबंध में चर्चा चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कोई अच्छा परिणाम देखने को मिलेगा।

पिछले 2 वर्षों को बेमिसाल बताते हुए श्री दासगुप्ता ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में इन सभी उद्योगों के समक्ष जो भी समस्याएं आएंगी उन्हें दूर करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। पिछले 2 वर्षों में जो भी एसोसिएशन को सफलता मिली है उसके लिए उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों, सदस्यों और अपनी पूरी टीम को धन्यवाद दिया है एवं उनका आभार व्यक्त किया है।उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी सभी का सहयोग एवं आशीर्वाद मिलता रहेगा, जिससे इस एंसीलरी एसोसिएशन को और नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा।

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