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बजट 2026: टैक्स स्लैब जस के तस, हेल्थ–रेल–एजुकेशन पर बड़ा फोकस; 17 कैंसर दवाएं कस्टम ड्यूटी फ्री, 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर और 3 आयुर्वेदिक एम्स की घोषणा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस आर्थिक स्थिरता बनाए रखते हुए विकास की रफ्तार बढ़ाने पर है। बजट में इनकम टैक्स स्लैब को यथावत रखा गया है, लेकिन टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और इसके तहत रिटर्न फॉर्म को और सरल बनाया गया है…

 

 

नईदिल्ली (ए)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार को संसद में लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। करीब 85 मिनट के बजट भाषण में सरकार ने करदाताओं को कोई सीधी राहत नहीं दी और इनकम टैक्स स्लैब में किसी तरह का बदलाव नहीं किया। हालांकि हेल्थ, रेलवे, आयुर्वेद, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कई अहम घोषणाएं कर विकास को गति देने का रोडमैप पेश किया गया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस आर्थिक स्थिरता बनाए रखते हुए विकास की रफ्तार बढ़ाने पर है। बजट में इनकम टैक्स स्लैब को यथावत रखा गया है, लेकिन टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और इसके तहत रिटर्न फॉर्म को और सरल बनाया गया है।

हेल्थ सेक्टर में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए कैंसर की 17 दवाओं पर लगने वाली 5 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयों को भी ड्यूटी फ्री किया गया है, जिससे इलाज की लागत कम होने की उम्मीद है।

रेलवे और कनेक्टिविटी को मजबूती देने के लिए सरकार ने 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है। इनमें मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी रूट शामिल हैं। इसके अलावा अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित किए जाएंगे।

आयुर्वेद और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 3 नए आयुर्वेदिक एम्स खोलने का ऐलान किया गया है। साथ ही देश को ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना सामने रखी गई है।

शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने देश के हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की है। इसके अलावा 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। रक्षा बजट को बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिसमें सैन्य आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये शामिल हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट का उद्देश्य तीन प्रमुख विजन पर आधारित है—आर्थिक रफ्तार बढ़ाना, लोगों की क्षमता को सशक्त करना और सबको समान अवसर उपलब्ध कराना। सरकार का दावा है कि यह बजट देश को स्थिर विकास, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक संतुलन की दिशा में आगे ले जाएगा।

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