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SIR के बाद 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1.70 करोड़ मतदाताओं के नाम कटे, जानिए छत्तीसगढ़ की स्थिति?

वर्तमान में यह प्रक्रिया 12 राज्यों में संचालित की जा रही है, जिनमें से उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के SIR आंकड़े इसी महीने के अंत तक जारी किए जाने की संभावना है। आयोग ने शेष राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भी तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रव्यापी मतदाता सूची सत्यापन अभियान के हिस्से के रूप में, SIR प्रक्रिया का अगला चरण इसी वर्ष अप्रैल में शुरू होने वाला है…

 

नईदिल्ली (ए)। भारतीय निर्वाचन आयोग (EC) की ओर से चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर बदलाव दर्ज किए गए हैं। शनिवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद मतदाताओं की कुल संख्या में 1.70 करोड़ से अधिक की कमी आई है।

पिछले साल 27 अक्टूबर को जब SIR प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब इन राज्यों में कुल 21.45 करोड़ पंजीकृत मतदाता थे। अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद यह संख्या घटकर 19.75 करोड़ रह गई है। इस सूची में गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, गुजरात में सबसे अधिक शुद्ध कटौती देखी गई। यहां कुल 68,12,711 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। यहां कुल 68,12,711 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिससे राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 5,08,43,436 से घटकर 4,40,30,725 रह गई है, जो कि 13.40% की गिरावट है।

इसके बाद मध्य प्रदेश में भी भारी कमी देखी गई, जहां 34,25,078 मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हुए हैं। यहां मतदाताओं की संख्या 5.74 करोड़ से घटकर अब 5.39 करोड़ रह गई है। इसी तरह, राजस्थान में मतदाताओं की संख्या में 31.36 लाख और छत्तीसगढ़ में लगभग 24.99 लाख की कमी आई है। केरल में 8,97,211 और गोवा में 1,27,468 मतदाताओं के नाम कम हुए हैं।

केंद्र शासित प्रदेशों की बात करें तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 52,364, पुडुचेरी में 77,367 और लक्षद्वीप में 206 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि यह ‘नेट चेंज’ उन अपात्र मतदाताओं को दर्शाता है, जिन्हें सूची से हटाया गया है, जिसमें नए जुड़ने वाले पात्र मतदाताओं की संख्या को भी समायोजित किया गया है।

निर्वाचन आयोग की यह मुहिम अभी थमी नहीं है। वर्तमान में यह प्रक्रिया 12 राज्यों में संचालित की जा रही है, जिनमें से उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के SIR आंकड़े इसी महीने के अंत तक जारी किए जाने की संभावना है। आयोग ने शेष राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भी तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रव्यापी मतदाता सूची सत्यापन अभियान के हिस्से के रूप में, SIR प्रक्रिया का अगला चरण इसी वर्ष अप्रैल में शुरू होने वाला है। हालांकि, आयोग ने यह भी आश्वासन दिया है कि मतदाता सूची अपडेशन एक निरंतर प्रक्रिया है और पात्र नागरिक अभी भी सुधार या नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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