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दस करोड़ नए सदस्य बनाएगी भाजपा: बैठक में अमित शाह ने कहा- 35 सालों तक पार्टी को कोई नहीं हिला सकता

लोकसभा चुनाव में झटका मिलने के बाद भाजपा फिर से तैयारी में जुट गई है। भाजपा ने फिर से दस करोड़ नए सदस्य  बनाने का लक्ष्य रखा है। ,  राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में गृह मंत्री  अमित शाह ने कहा है कि 35 सालों तक पार्टी को कोई नहीं हिला सकता है…

 

नईदिल्ली (ए)। लोकसभा चुनाव में लगे झटके से उबरने और पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए भाजपा एक सितंबर से राष्ट्रव्यापी सदस्यता अभियान का पहला चरण शुरू करेगी। पार्टी ने इस अभियान के तहत दस करोड़ नए सदस्य को जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश अध्यक्षों और प्रभारियों की बैठक में सदस्यता अभियान का तानाबाना बुना गया। महासचिव विनोद तावड़े को अभियान का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है।

सदस्यता अभियान का पहला चरण एक से 25 सितंबर तक और दूसरा चरण अक्तूबर में शुरू होगा। हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद सदस्यता अभियान की शुरुआत होगी। पार्टी ने 2014 से 2019 तक चले पूर्व के सदस्यता अभियान में 18 करोड़ सदस्य बनाए थे। तब भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा मिला था।

इस बार मिस्ड कॉल, क्यूआर कोड, नमो एप और पार्टी की वेबसाइट के जरिये सदस्यता दी जाएगी। सदस्यता अभियान को सफल बनाने के लिए सभी मोर्चे को जोड़ा जाएगा। दो-तीन राज्यों को जोड़ कर सदस्यता प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे।

अमित शाह ने कहा कि देश की राजनीति में अगले 35 सालों तक भाजपा का परचम लहराता रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा जीवंत, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी पार्टी है। पार्टी की जड़ें काफी गहरी हैं। नए सदस्यता अभियान पर उन्होंने कहा कि हम वैसे ही दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी हैं।

हम चाहते तो नए सिरे से सदस्यता अभियान की शुरुआत नहीं करते। हालांकि हम जीवंत और लोकतांत्रिक पार्टी हैं। उन्होंने कहा कि यह सच है, कुछ राज्यों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। हालांकि दूसरा पक्ष देखें तो हम ओडिशा में सरकार बनाने में सफल रहे। पूर्वोत्तर में हमारी शक्ति और बढ़ी।

सदस्यता अभियान का राष्ट्रीय संयोजक बनाने के अलावा विनोद तावड़े को राजस्थान, मध्य प्रदेश, गोवा, दमन दीव और दादर नगर हवेली का प्रभार सौंपा गया है। दुष्यंत गौतम को पश्चिम बंगाल, सिक्किम, त्रिपुरा और ओडिशा, रेखा वर्मा को दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, लद्दाख और चंडीगढ़, डी पुरंदेश्वरी को केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु, अरविंद मेनन को अंडमान निकोबार, आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप और तेलंगाना, राजदीप रॉय को अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और नगालैंड, विजया राहटकर को छत्तीसगढ़, कर्नाटक की जिम्मेदारी दी गई है।

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