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धनतेरस आज: जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और आज क्या खरीदना चाहिए?

धनतेरस, दिवाली के पहले दिन, देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा का अवसर है। लोग घर की सफाई, सजावट और दीप जलाकर सकारात्मकता फैलाते हैं। इस दिन सोना, चांदी और अन्य शुभ वस्तुएं खरीदना लाभकारी माना जाता है…

 

नईदिल्ली (ए)। कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन समुद्र-मंन्थन के समय भगवान धन्वन्तरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस तिथि को धनतेरस या धनत्रयोदशी के नाम से जाना जाता है। भारत सरकार ने धनतेरस को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है, दिवाली के पांच दिवसीय त्योहार की शुरुआत का प्रतीक है। यह शुभ दिन देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा के लिए समर्पित होता है, ताकि घर में धन, समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त हो। इस दिन घरों में दीपक और दीयों की रोशनी जगमगाती है, रंग-बिरंगी सजावट होती है, और वातावरण में खुशियां और सकारात्मकता फैल जाती है। आइए जानते है धतेरस की तारीख, पूजा का सही समय (मुहूर्त), पूजा विधि और इसके महत्व के बारे में…

धनतेरस 2025: तारीख और शुभ मुहूर्त

  • तारीख: शनिवार, 18 अक्टूबर 2025
  • धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 7:16 बजे से रात 8:20 बजे तक
  • प्रदोष काल: शाम 5:48 बजे से रात 8:20 बजे तक
  • वृषभ काल: शाम 7:16 बजे से रात 9:11 बजे तक
  • त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: दोपहर 12:18 बजे, 18 अक्टूबर
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त: दोपहर 1:51 बजे, 19 अक्टूबर

धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धनवंतरि की पूजा की जाती है ताकि घर में धन, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य बना रहे। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां आदि खरीदना शुभ माना जाता है।

व्यापारी वर्ग अपने दुकान या ऑफिस की सजावट करते हैं और भगवान की पूजा करते हैं ताकि व्यापार में वृद्धि हो और लक्ष्मी कृपा बनी रहे। चूंकि यह दिवाली के पांच दिनी त्योहार की शुरुआत होती है, इसलिए इस दिन घर की सफाई करें, नए कपड़े पहनें, फूलों और दीयों से घर सजाएं, और यम दीप जलाएं ताकि परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु से रक्षा मिले।

ये है धनतेरस के लिए पूजा सामग्री

भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर की मूर्ति या चित्र
गंगाजल और साफ पानी
हल्दी, कुमकुम, चंदन, इत्र
ताज़ा फूल और फूलों की माला
कलावा (मौली) और जनेऊ
पूजा चौकी और लाल/पीले रंग का कपड़ा
कलश, आम के पत्ते, नारियल
फल, खील, बताशे, मिठाई और मेवे
अक्षत (चावल), साबुत धनिया और दालें
13 मिट्टी के दीपक, गाय का घी, कपूर, अगरबत्ती
सोने/चांदी के सिक्के या नई धातु की वस्तुएँ
नई झाड़ू (मां लक्ष्मी का स्वागत)
रंगोली पाउडर (सजावट के लिए)

कैसे करें धनतेरस पर मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा

घर और पूजा स्थान की सफाई करें

मुख्य द्वार और पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें और रंगोली बनाएं।

पूजा चौकी सजाएं

उत्तर-पूर्व दिशा में एक चौकी रखें, उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।

कलश की स्थापना करें

एक तांबे या मिट्टी का कलश लें, उसमें गंगाजल और साफ पानी भरें, आम के पत्ते डालें और ऊपर नारियल रखें।

देवताओं की प्रतिमाएं रखें

भगवान धन्वंतरि, देवी लक्ष्मी, भगवान कुबेरऔर गणेश जी की मूर्तियाँ या चित्र स्थापित करें।

षोडशोपचार पूजा करें

हल्दी, कुमकुम, चंदन, अक्षत, फूल, दीप, धूप, मिठाई और दक्षिणा से पूजा करें।

दीपक जलाएं

पूजा के समय गाय के घी का बड़ा दीपक और 13 छोटे दीये जलाएं।

भोग और आरती करें

खील, बताशे, मेवे और मिठाइयों का भोग लगाएं, फिर आरती करें।

शास्त्रों में बताया गया है कि, वास्तु अनुसार इस दिन कुछ चीजों को खरीदना अत्यंत शुभ होता है, जबकि कुछ वस्तुओं को खरीदना अशुभ माना जाता है। ऐसे में आइए जान लेते है वास्तु के अनुसार धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए।

झाड़ू

कहा जाता है कि, धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है। झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि इस दिन झाड़ू खरीदने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

सोना-चांदी से बनी वस्तुएं

धनतेरस के दिन सोना, चांदी या पीतल की वस्तुएं खरीदना भी बड़ा शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि, ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर पर उनका स्थाई वास होता है।

शंख

ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, धनतेरस के दिन शंख खरीदना अत्यंत शुभ माना गया है। शंख भगवान विष्णु को प्रिय है। मान्यता है कि इस दिन शंख खरीदने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और अपनी कृपा बरसाती हैं।

धनिया

धनतेरस के दिन शंख खरीदने के अलावा, धनिया खरीदना अत्यंत शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि धनिया धन में वृद्धि का संकेत होता है। ऐसे में धनतेरस के दिन धनिया खरीदकर जरूर लाना चाहिए।

इसके बाद, माता लक्ष्मी को उसे अर्पित करें और उसमें कुछ दाने निकालकर अपने गमले में बो दें। ऐसा कहा जाता है कि अगर बोए हुए धनिया से पौधा निकल आए तो जातक के घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है और जीवन में खुशहाली आती है।

नमक

ज्योतिष बताते हैं कि, धनतेरस के दिन नमक खरीदना अत्यंत शुभ माना गया है, क्योंकि नमक को पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक कहा गया है। मान्यता है कि इस दिन नमक खरीदकर घर लाने से घर की अशुद्धियां, नकारात्मक ऊर्जा, दुख और कष्ट दूर हो जाते हैं।

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