दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

शहरी क्षेत्रों में लगातार आवारा मवेशियों को सड़कों से हटाने का कार्य निगम अमला करता रहे : कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा

 

दुर्ग। रोका छेका के अंतर्गत नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्रवाई चल रही है। नगरीय निकायों में साढ़े छह सौ से अधिक आवारा मवेशियों को हटाया गया है। रोकाछेका के क्रियान्वयन एवं अन्य विषयों से संबंधित समीक्षा कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने अधिकारियों से की। कलेक्टर ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में लगातार आवारा मवेशियों को सड़कों से हटाने का कार्य निगम अमला करता रहे। इससे दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी। कलेक्टर ने कहा कि अभी निगम क्षेत्रों में ऐसे मवेशियों को रखने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए एक पृथक जगह भी चिन्हांकित की जा सकती है।

कलेक्टर ने कहा कि जनदर्शन में भी कुछ कालोनी से आवारा मवेशियों को लेकर ऐसी शिकायत आई हैं। इन पर कार्रवाई करें और निरंतर इसकी मानिटरिंग करते रहें। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी रोकाछेका के आदेश शासन द्वारा दिये गये हैं। उसके अनुपालन में काम होता रहे। कलेक्टर ने कहा कि जिले में कुछ दिनों में गौमूत्र खरीदी भी आरंभ होगी। इसके लिए भी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लें।

उन्होंने कहा कि एनजीजीबी योजना के क्रियान्वयन पर विशेष तौर पर नजर रखें। कलेक्टर ने इस दौरान जनदर्शन एवं अन्य माध्यमों से आये लोगों के आवेदनों के निराकरण की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि सभी आवेदनों का निराकरण समयसीमा में एवं गुणवत्तापूर्वक होना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों के हर एक आवेदन सुने और इस पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन, भिलाई आयुक्त लोकेश चंद्राकर, दुर्ग आयुक्त प्रकाश सर्वे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

स्वाधीनता दिवस के अवसर पर हर घर झंडे के लिए लोगों को करें प्रेरित- कलेक्टर ने कहा कि स्वाधीनता दिवस के अवसर पर लोगों को अपने घरों में तिरंगा फहराने के लिए कहें। उन्होंने कहा कि इसके अलावा प्रमुख सार्वजनिक जगहों में भी झंडारोहण होगा। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता दिवस को लेकर बड़ा उत्साह दुर्ग जिले में झलकना चाहिए। इसके लिए निगम और जनपद क्षेत्रों में भी विशेष रूप से प्रचार प्रसार करें।

कोविड को लेकर रखें सावधानी- कलेक्टर ने कहा कि जिले में कोविड के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए अलर्ट मोड पर रहना आवश्यक है। अभी लगभग पांच सौ से अधिक एक्टिव मरीज जिले में हैं। टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई गई है। इसके साथ ही कांटैक्ट ट्रैसिंग पर भी नजर रखनी है। सभी अस्पतालों में कोविड मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक तैयारियां होनी चाहिए।

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