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CBI ने उस स्टेशन को किया सील जहां हुआ था ओडिशा ट्रेन हादसा, वहां नहीं रुकेगी कोई ट्रेन, जानें क्या है वजह

02 जून को हुए भयंकर रेल हादसे के कारण 288 लोगों ने जानें गंवाई हैं. हादसे में 1,208 लोग घायल हुए थे…

बहानगा बाजार (ए)। ओडिशा के बालासोर में 2 जून को हुए दर्दनाक रेल हादसे की जांच में जुटी सीबीआई की टीम ने बहानगा बाजार स्टेशन को सील कर दिया है. इसी स्टेशन के पास हादसा हुआ था. अगले आदेश तक स्टेशन पर कोई ट्रेन नहीं रुकेगी। सीबीआई ने ‘लॉग बुक’ और उपकरण जब्त करने के बाद स्टेशन को सील किया है. इससे पहले ‘अप’ और ‘डाउन’ दोनों लाइन पर गाड़ियों की आवाजाही बहाल होने के बाद कम से कम सात ट्रेनें बाहानगा बाजार स्टेशन पर रुक रही थीं।

गौरतलब है कि 2 जून को हुए भयंकर रेल हादसे के कारण 288 लोगों ने जानें गंवाई हैं. हादसे में 1,208 लोग घायल हुए थे। दक्षिण पूर्व रेलवे (एसईआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी आदित्य कुमार चौधरी ने मीडिया को बताया कि सीबीआई ने ‘लॉग बुक’, ‘रिले पैनल’ और अन्य उपकरण जब्त करने के बाद स्टेशन को सील कर दिया है।

अधिकारी ने बताया, ‘‘रिले इंटरलॉकिंग पैनल को सील कर दिया गया है, जिससे सिग्नल प्रणाली तक कर्मचारी की पहुंच बंद हो गई है. कोई सवारी गाड़ी या मालगाड़ी अगले नोटिस तक बाहानगा बाजार स्टेशन पर नहीं रुकेगी।’’

अधिकारी ने बताया कि प्रतिदिन करीब 170 ट्रेन बाहानगा बाजार रेलवे स्टेशन से होकर गुजरती हैं, लेकिन केवल भद्रक-बालासोर मेमू, हावड़ा भद्रक बाघजतीन फास्ट पैसेंजर, खड़गपुर खुर्दा रोड फास्ट पैसेंजर जैसी ट्रेन एक मिनट के लिए स्टेशन पर रुका करती हैं. चौधरी ने बताया कि 1,208 घायल व्यक्तियों में से 709 को रेलवे अनुग्रह राशि मुहैया करा चुका है।

इस बीच रिटायर्ड न्यायाधीशों और नौकरशाहों समेत नागरिक समाज के प्रमुख सदस्यों के एक समूह ने ओडिशा ट्रेन हादसे पर शनिवार 10 जून को पीएम मोदी को पत्र लिखकर देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के प्रयासों पर चिंता व्यक्त की।

इस पत्र पर 270 लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं. पत्र में कहा गया, ‘‘ओडिशा के बालासोर में हुई भीषण दुर्घटना से हम बहुत परेशान हैं, जिसमें हमारा तेजी से बढ़ता और आधुनिक होता रेलवे प्रभावित हुआ है. हालांकि, जांच अभी भी चल रही है, लेकिन, प्रारंभिक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा संदेह है कि ट्रेन के पटरी से उतरने का कारण मानवीय हस्तक्षेप हो सकता है, जो आतंकवादी संगठनों के इशारे पर साजिश का एक स्पष्ट मामला जान पड़ता है।’’

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