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हेमंत सोरेन को ED ने किया गिरफ्तार: चंपई सोरेन झारखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे, 7 घंटे लंबी चली पूछताछ

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से पूछताछ को देखते रांची में सुबह 9 से रात 10 बजे तक धारा 144 लगा दी गई है. ईडी की टीम सीएम सोरेन से पूछताछ करने के लिए उनके आवास पर मौजूद है…

रांची (ए)। इस वक्त झारखंड की राजधानी रांची से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया गया है. सूत्रों के अनुसार ईडी की टीम ने जमीन घोटाला मामले में करीब 7 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद सीएम हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं इसके बाद हेमंत सोरेन राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

हेमंत सोरेन ने बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इस बीच सत्तारूढ़ झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन ने नए राज्य प्रमुख के रूप में वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन का नाम प्रस्तावित किया। भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा लगभग सात घंटे की पूछताछ के बाद सोरेन ने राजभवन में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

चंपई सोरेन झारखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे। झारखंड सरकार में मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि विधायक दल के रूप में चंपई सोरेन को हमने चुन लिया है, राज्यपाल से निवेदन है कि उन्हें शपथ दिलाएं। ED कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीएम सोरेन से पूछताछ कर रही थी।

संविधान के अनुच्छेद 361 में राष्ट्रपति और राज्यपाल को गिरफ्तारी से छूट मिली है. ये छूट सिविल और क्रिमिनल, दोनों ही मामलों में है. यानी राष्ट्रपति और राज्यपाल को पद पर रहते हुए न तो गिरफ्तार किया जा सकता है, न ही हिरासत में लिया जा सकता है. कोई अदालत में भी उनके खिलाफ कोई आदेश जारी नहीं कर सकती. हालांकि, पद से हटने के बाद उन्हें गिरफ्तार या हिरासत में लिया जा सकता है।

वहीं, कानून में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों को सिविल मामलों में गिरफ्तारी और हिरासत से छूट मिली है. क्रिमिनल मामलों में नहीं।

हालांकि, अगर मुख्यमंत्री या विधानसभा के किसी सदस्य को गिरफ्तार या हिरासत में लेना है, तो सदन के अध्यक्ष से मंजूरी लेना जरूरी है. इसके अलावा सत्र से 40 दिन पहले, उस दौरान और उसके 40 दिन बाद तक ना तो किसी सदस्य को गिरफ्तार किया जा सकता है और ना ही हिरासत में लिया जा सकता है।

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