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IG डॉ. संजीव शुक्ला ने रेंज अंतर्गत जिलों के पुलिस अधीक्षकों की ली बैठक, समयावधि के भीतर कार्यवाही पूर्ण करने के दिये निर्देश

बैठक में जिले में लंबित अपराध, मर्ग, शिकायत तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर की गई कार्यवाही की हुई समीक्षा…गंभीर अपराधों सहित महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों में समयावधि के भीतर कार्यवाही पूर्ण किये जाने दिये गये निर्देश…

बिलासपुर। दिनांक 17.05.2024 को डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर द्वारा बिलासपुर रेंज अंतर्गत जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों की अपराध समीक्षा बैठक ली गई, जिसमें जिले में लंबित अपराध, महिलाओं और बच्चों से संबधित अपराध, संपत्ति संबंधी अपराध, समंस-वारंट की तामीली एवं लघु अधिनियम व प्रतिबंधात्मक कार्यवाही अंतर्गत की गई कार्यवाही सहित जिले के कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई तथा 01 जुलाई 2024 से लागू होने वाले नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु इन्हें लागू किये जाने के पूर्व सभी विवेचक अधिकारियों को प्रशिक्षित किये जाने के संबंध में की जा रही कार्यवाहियों पर चर्चा की गई। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा सभी विषयों पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिये गये।

पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इस बात पर विशेष बल दिया गया कि गंभीर किस्म के प्रकरणों में सतत विवेचना करते हुए यथाशीघ्र विधिसम्मत निराकरण किया जावे, प्रकरण लंबी अवधि तक विवेचना में लंबित न रहे। महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों में तत्काल संज्ञान लेकर विधिसम्मत कार्यवाही किये जाने निर्देश दिये गये साथ ही इस बात पर विशेष बल दिया गया कि महिलाओं, बच्चों से संबंधित प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही करते हुए समय-सीमा के भीतर त्वरित निराकरण किया जावे। जिले में अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों, विभागीय जांच तथा शिकायतों का त्वरित निराकरण कराये जाने निर्देशित किया गया।

पुलिस महानिरीक्षक द्वारा जिले में लंबित सभी गंभीर प्रकरणों-विशेषकर हत्या, हत्या का प्रयास, बलात्कार, अपहरण एवं महिला व बच्चों संबंधी अपराध, एससी/एसटी एक्ट के प्रकरणों के निराकरण की ओर विशेष ध्यान दिये जाने तथा लंबित ऐसे सभी प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा की जाकर समयबद्ध निराकरण किये जाने निर्देशित किया गया।

संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु प्रभावी गश्त-पेट्रोलिंग, आदतन पूर्व सिद्धदोष तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर निगाह रखते हुए आवश्यक कार्यवाही कराये जाने निर्देशित किया गया। अनियमित वित्तीय कंपनियों के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों में अंतरिम कुर्की, अंतिम कुर्की, नीलामी और निवेशकों की धन वापसी की नियमित समीक्षा किये जाने निर्देशित किया गया।

पुलिस महानिरीक्षक ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पुलिसकर्मी पूर्ण अनुशासन में रहें, इसे सुनिश्चित किया जावे। किसी भी अनुशासहीनता के लिए संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार त्वरित अनुशासनात्मक कार्यवाही करें ताकि बल में अनुशासन का स्तर बना रहे।

पर्यवेक्षणकर्ता अधिकारियों की यह महती जवाबदारी है कि वे अपने पर्यवेक्षणीय थाना/चौकी के कार्यों की प्रतिदिन नियमित मॉनिटरिंग करें तथा अधीनस्थों को उचित दिशा-निर्देश व मार्गदर्शन करें, इसे सुनिश्चित कराये जाने पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया।

जिलों में बेस्ट पुलिसिंग के लिए सामुदायिक पुलिसिंग के लिए नवाचार पर भी बल दिया गया। पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना अंतर्गत लंबित प्रकरणों एवं एससी/एसटी एक्ट के लंबित राहत प्रकरणों का निराकरण स्वतः ध्यान देकर कराये जाने पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित कहा गया।

आगामी 01 जुलाई 2024 से लागू होने वाले तीन नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु इन्हें लागू किये जाने के पूर्व जिले से सभी विवेचना अधिकारियों को नवीन कानूनों का प्रशिक्षण आवश्यक रूप से दिलाये जाने तथा प्रत्येक पुलिसकर्मी को व्यापक स्तर पर नवीन कानूनों के संबंध में जागरूक किये जाने हेतु प्रशिक्षण की कार्य योजना तैयार कर प्रशिक्षण दिलाये जाने निर्देशित किया गया।

समीक्षा बैठक में उमनि. एवं वरि. पुलिस अधीक्षक मुंगेली गिरिजा शंकर जायसवाल, पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चाम्पा विवेक शुक्ला, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह, पुलिस अधीक्षक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही भावना गुप्ता, पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस अधीक्षक सक्ती अंकिता शर्मा, पुलिस अधीक्षक सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुष्कर शर्मा, पुलिस अधीक्षक रायगढ़ योगेश कुमार पटेल सहित रेंज कार्यालय में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह उपस्थित रहीं।

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