छत्तीसगढ़फीचर्ड

आज काकीनाडा से गुजरेगा चक्रवात मोंथा: ओडिशा-बंगाल, तमिलनाडु में किए गए एहतियाती उपाय, कई राज्यों में बारिश शुरू

मोंथा चक्रवात के मद्देनजर कृष्णा जिले में अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसी तरह, गुंटूर, बापटला, एनटीआर, पालनाडु और पश्चिम गोदावरी जिलों में भी भारी बारिश के आसार हैं। वहीं, आंध्र प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है…

 

 

कोलकाता (ए)। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र के और गहराने के साथ ही चक्रवात तूफान आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों में दस्तक दे दी। इसके साथ ही सोमवार को छह राज्यों आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और केरल में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग के मुताबिक, मोंथा के मंगलवार सुबह गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने के आसार है और यह शाम तक शाम या रात तक मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच आंध्र प्रदेश के तटीय बंदरगाह क्षेत्र काकीनाडा से टकरा सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान 110 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से हवाएं चल सकती हैं। आंध्र के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात मोंथा के खतरों को देखते हुए अधिकारियों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री नायडू से फोन पर बात करके चक्रवात से निपटने की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के साथ समन्वय करने के लिए भी कहा गया है। नायडू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने चक्रवात मोंथा से निपटने के लिए राज्य को केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री नायडू ने रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम (आरटीजीएस) में अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की। मौसम विभाग के मुताबिक, कृष्णा जिले में अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसी तरह, गुंटूर, बापटला, एनटीआर, पालनाडु और पश्चिम गोदावरी जिलों में भी भारी बारिश के आसार हैं। मोंथा चक्रवात के मद्देनजर आंध्र प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। तटवर्ती इलाकों से 50 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और एसडीआरएफ की टीमें भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद हैं।

मछुआरों को पांच दिन समुद्र में न जाने की सलाह
तटवर्ती राज्यों में मछुआरों को अगले पांच दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने सोमवार को बताया कि चक्रवाती तूफान 17 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है जो दोपहर 2:30 बजे पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। यह क्षेत्र जो तमिलनाडु में चेन्नई से लगभग 440 किमी पूर्व में, आंध्र प्रदेश में काकीनाडा से 490 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में, आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम से 530 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में, ओडिशा में गोपालपुर से 710 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में है।

आपातकालीन कर्मियों की छुट्टियां रद्द
आईएमडी ने कहा कि अगले 48 घंटों के दौरान इसके पूर्व-मध्य अरब सागर में लगभग उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना है। दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश और पूर्वी राज्य ओडिशा के तटीय इलाकों में प्रशासन ने आपातकालीन कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दीं। खराब मौसम को देखते हुए स्कूल-कॉलेज बंद करने का आदेश भी दिया गया है। तमिलनाडु सरकार ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अप्रैल और दिसंबर के बीच भारत के पूर्वी तट पर अक्सर चक्रवात आते हैं।

ओडिशा : चक्रवात से पहले अग्निशमन इकाइयां तैनात
चक्रवात मोंथा के मद्देजनर सतर्कता बरतते हुए ओडिशा ने राज्यभर में 123 अग्निशमन इकाइयां तैनात की हैं। आठ जिलों को रेड जोन के तौर पर चिह्नित करते हुए विशेष प्राथमिकता दी गई है। ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की टीमें त्वरित बचाव और राहत अभियान चलाने के लिए बचाव नौकाओं, मोटर राफ्ट, पावर आरी और जनरेटर से लैस हैं। राज्य के सभी जिलों को अलर्ट पर रखा गया है और निर्देश दिया गया है कि अगर आने वाला चक्रवात अपनी दिशा बदलता है, तो बचाव कार्यों के लिए लोगों और मशीनरी के साथ तैयार रहें।

तेलंगाना : दो दिन भारी से बहुत भारी बारिश
मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दो दिनों में तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान लगाया है। 28 अक्तूबर को दोपहर 12 बजे से 29 अक्तूबर को सुबह 8:30 बजे तक पेड्डापल्ली, जयशंकर भूपलपल्ली और अन्य जिलों में अलग-अलग स्थानों पर गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। आदिलाबाद, कोमाराम भीम और कई अन्य जिलों में भी कमोबेश यही स्थिति रहेगी।

केरल : भारी बारिश के कारण दो लोगों की मौत
केरल के कई जिलों में सोमवार को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में जलभराव हो गया। अलप्पुझा जिले में, अर्थुनकल तट के पास नाव पलट जाने से एक मछुआरे की मौत हो गई। वहीं, अंगमाली के पास मुकनूर में बिजली गिरने से पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कोझिकोड, कासरगोड, कन्नूर, कोट्टायम और पथानामथिट्टा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

तमिलनाडु : चार जिलों में भारी बारिश
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई और तीन अन्य जिलों में सोमवार को दिनभर भारी बारिश होती रही। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक बी अमुधा ने बताया कि अगले दो दिनों तक चेन्नई के अलावा, रानीपेट, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम में भारी से बहुत भारी बारिश होने और विल्लुपुरम और चेंगलपट्टू में भी भारी बारिश होने की संभावना है।

बंगाल : पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा
चक्रवात मोंथा के कारण पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में सोमवार को जोरदार बारिश होती रही। इससे मैदानी इलाकों के निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। मौसम विभाग ने दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका भी जताई है। दक्षिण बंगाल के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झारग्राम, पुरुलिया, पूर्व और पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों में मंगलवार और शुक्रवार के बीच भारी बारिश हो सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button