दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

आने वाली पीढ़ियों को इन पेड़ों के महत्व से जोड़ने के लिए ‘कृष्ण-कुंज’ की पहल की जा रही: प्रीति साहू

 

दुर्ग। दुर्ग शहर मीडिया प्रभारी प्रीति साहू ने बयान जारी कर आज जन्माष्टमी पर्व पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश के 162 नगरीय क्षेत्रों में कृष्ण कुंज विकसित और आज राजधानी के कृष्ण कुंज के लोकार्पण की सराहना करते हुए कहा की मुख्यमंत्री के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय क्षेत्रों में ’कृष्ण कुंज’ विकसित किए जा रहे हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर कृष्ण कुंज में मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को ’कृष्ण-कुंज’ विकसित करने के लिए वन विभाग को न्यूनतम एक एकड़ भूमि का आबंटन करने के निर्देश दिए हैं।

श्रीमती साहू ने कहा की अब तक राज्य के 162 स्थलों को ’कृष्ण कुंज’ के लिए चिन्हांकित किया जा चुके है और कृष्ण कुंज को विशिष्ट  पहचान दिलाने के लिए सभी निकायों में एकरूपता प्रदर्शित करने हेतु बाउंड्रीवाल गेट पर लोगो का डिजाईन एक समान तैयार किया गया है।

श्रीमती साहू ने कहा की प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों के 162 स्थानों में विकसित कृष्ण-कुंज में जीवन उपयोगी बरगद, पीपल, कदंब जैसे सांस्कृतिक महत्व के आम, इमली, बेर, गंगा इमली, जामुन, गंगा बेर, शहतूत, तेंदू ,चिरौंजी, अनार, कैथा, नीम, गुलर, पलास, अमरूद, सीताफल, बेल, आंवला के वृक्षों का रोपण किया जा रहा है।

श्रीमती साहू ने कहा की वृक्षारोपण को जन-जन से जोड़ने, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए प्रदेश में ‘कृष्ण-कुंज’ विकसित किए जा रहे हैं। विगत वर्षों में शहरीकरण की वजह से हो रही अंधाधुंध पेड़ों की कटाई से इन पेड़ों का अस्तित्व खत्म होता जा रहा है। आने वाली पीढ़ियों को इन पेड़ों के महत्व से जोड़ने के लिए ‘कृष्ण-कुंज’ की पहल की जा रही है। वृक्षारोपण से पर्यावरण को भी फायदा होगा।

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