दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

इन्वेस्टिगेशन ऑफ़ एनडीपीएस केसेस एंड रिलेटेड प्रोसीजर्स विषय पर दुर्ग रेंज के 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने सम्मिलित होकर प्राप्त किया प्रशिक्षण

भिलाई। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज डॉ. आनंद छाबड़ा के मार्गदर्शन में व पुलिस अधीक्षक दुर्ग शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में एन.डी.पी.एस. अधिनियम एवं विवेचना संबंधी एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन दुर्ग पुलिस द्वारा एसएनजी हॉल सेक्टर 4 भिलाई में किया गया। सेमिनार में मुख्य रूप से प्रशिक्षण देने आए एनसीबी जोनल यूनिट इंदौर (म. प्र.) से आए इंटेलिजेंस ऑफिसर अरविंद शर्मा , एवम विनय नरवरिया ने विवेचकों को वर्कशॉप के माध्यम से प्रशिक्षण दिया। एक दिवसीय वर्कशॉप के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक दुर्ग शलभ कुमार सिन्हा के द्वारा सर्वप्रथम माँ सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी की फोटो पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया गया।

तत्पश्चात उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को अपने संबोधन में कहा कि विवेचना एक प्रकार की तकनीकी कार्य है जिसमें विवेचकों को विषय की संपूर्ण जानकारी होने से विवेचना के स्तर को उच्च कोटि का बनाया जा सकता है, प्रशिक्षण कार्यशाला की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, विवेचना में बरती जाने वाली सावधानियां सहित प्रथम पहलू से लेकर अंतिम पहलू तक विवेचना किस प्रकार की जाए, जिससे आरोपियों को न्यायालय द्वारा दण्डित किया जा सके के संबंध में विस्तृत जानकारी देने के साथ ही एन.डी.पी.एस. के प्रकरणों पर अंकुश लगाने संबंधी अन्य कई महत्वपूर्ण तथ्य के बारे में बताया।

एनडीपीएस की महत्वपूर्ण वर्कशॉप सुबह 10:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक चली। वर्कशॉप को मुख्यता चार सत्र में बांटा गया था, जिसमें प्रथम सत्र मे एनडीपीएस के क्लासिफिकेशन, आईडेंटिफिकेशन, एनडीपीएस एक्ट 1985, द्वितीय सत्र में एनडीपीएस एक्ट के प्रोसीजर सीजिंग, सैंपल इन ऑफ ड्रग तृतीय सत्र में एनडीपीएस एक्ट के जजमेंट माननीय सुप्रीम कोर्ट के केसेस के बारे में चर्चा की गई। तत्पश्चात आखिरी चरण में सीडीआर/आईपीडीआर एनालिसिस डिजिटल फुटप्रिंट इन्वेस्टिगेशन आदि पर चर्चा की गई।

सेमिनार में मुख्य रूप से प्रशिक्षण देने आए एनसीबी जोनल यूनिट इंदौर (म. प्र.) से आए इंटेलिजेंस ऑफिसर अरविंद शर्मा , एवम विनय नरवरिया ने विवेचकों को विषय की संपूर्ण जानकारी देकर, विवेचना के स्तर को उच्चकोटि का बनाया जाने की बात को ध्यान रखते हुये उनके द्वारा प्रशिक्षण कार्यशाला की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों द्वारा विवेचना दौरान विभिन्न प्रकार के उत्पन्न होने वाली समस्याओं के संबंध में प्रश्न पूछे गये जिनका जवाब देकर समाधान किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में समापन सत्र में आमंत्रित मुख्य वक्ता अरविंद शर्मा इंटेलिजेंस ऑफिसर एनसीबी इंदौर एवं विनय नरवरिया जूनियर इंटेलिजेंट ऑफिसर एनसीबी इंदौर का पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर संजय कुमार ध्रुव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनंत कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय दुर्ग रेंज सोनिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईयूसीएडब्ल्यू मीता पवार, नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर निखिल रखेजा, नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग वैभव बैंकर, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धंमधा, प्रभात कुमार, डीएसपी पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पीआर कुजूर, उप पुलिस अधीक्षक आईयूसीएडब्ल्यू शिल्पा साहू, डीएसपी क्राइम राजीव शर्मा, डीएसपी राजनांदगांव अमित पटेल, डीएसपी बेमेतरा मनोज तिर्की , डीएसपी कबीरधाम केके वासनिक, डीएसपी बोनिफस एक्का, डीएसपी लाइन नीलेश द्विवेदी, डीएसपी हेड क्वार्टर दुर्ग मणिशंकर चंद्रा, प्रो. डीएसपी आकांक्षा पांडे सहित दुर्ग रेंज के 100 से अधिक अलग-अलग थानों से आए विवेचकगण उपस्थित रहकर महत्वपूर्ण तथ्य व जानकारी प्राप्त किए।
कार्यक्रम के संपूर्ण व्यवस्था रक्षित निरीक्षक दुर्ग रमेश कुमार चंद्रा एवं रक्षित केंद्र के कर्मचारियों के द्वारा की गई।

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