दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

ऐसा लगता है सरकार बच्चों के सम्मान के आड़ में झूठी वाहवाही पालकों से लेना चाहती है: शिवसेना प्रवक्ता, विक्की शर्मा

भिलाई। शिवसेना प्रवक्ता विक्की शर्मा ने जिला कलेक्टर के कार्यविधि पर सवाल उठाते हुए प्रेसविज्ञप्ति जारी कर कहा है कि एक ओर लाकडाउन में बच्चे स्कूलों से दूर हैं ओर अभी हाल ही प्रदेश सरकार में 97 प्रतिशत बच्चों को प्रथम श्रेणी में पास कर वाहवाही बटोर ही था कि दुर्ग जिला कलेक्टर की निद्रा भी भंग हो गई।
आज कलेक्टर ने सन 2018-19 के मेधावी छात्र-छात्राओं का एक वर्ष बाद सम्मान कर डाला अगर बच्चों के सम्मान की इतनी ही जिला प्रशासन को चिंता थी तो 1 वर्ष तक किस निद्रा में लीन थी, जो आज लाकडाउन के दौरान भंग हुआ,ल। व्यापार जगत चौपट हुआ पड़ा है, डेली कमाने खाने वालों की सरकार अब तक सूद नही ली उसपे छात्रों का सम्मान समझ के परे है, हद तो इस बात की इस सम्मान में प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी शामिल कर लिया गया।
आखिर यह सम्मान देने की चेतना 45 दिनों पूर्व क्यों नही जागी? ऐसा लगता है सरकार बच्चों के सम्मान के आड़ में झूठी वाहवाही पालकों से लेना चाहती है, तभी तो इस लाकडाउन मे पूरे 1 वर्ष बाद जिला प्रशासन ने बच्चों का सम्मान करने का निर्णय किया। सरकार और उसके नुमाइंदों को इस बात की फ़िक्र करना चाहिए कि कैसे लोग इस आपदा में अपने बच्चों की पढ़ाई करवा पाये, कैसे तमाम विरोध और गतिरोध के बाद स्कूलों ने मनमाना फीस वसूला, एक ओर सामान्य वर्ग जीवन जीने के लिए जदोजहद कर रहा है ओर दूसरी ओर सरकार झूठी वाहवाही बटोरने में लगीं हैं। जिसका शिवसेना निंदा करती है। सरकार को ऐसे वाहवाही से ऐसे समय गुरेज़ करना चाहिए।

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