देश-दुनियाफीचर्ड

दूषित पानी मामले पर मुख्यमंत्री का सख्त एक्शन: कई अधिकारियों पर गिरी गाज, इंजीनियर से छीना प्रभार

मुख्यमंत्री ने नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही अपर आयुक्त को हटाने का निर्देश दिया गया है। प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं…

 

दूषित पानी के कारण फैली बीमारी से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां लोगों के घरों में दूषित पानी सप्लाई किया गया। इसके सेवन से बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए और अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, प्रशासन ने सिर्फ चार मौतों की पुष्टि की है। मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है…

 

 

इंदौर (ए)। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई के मामले में सीएम मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपर आयुक्त को हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस मामले में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी है।

मोहन यादव ने एक्स पर लिखा, “आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की। इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए। इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए।”

एक्स पर एक और पोस्ट कर सीएम मोहन यादव ने लिखा, “इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी हम सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं।

इस दृष्टि से सभी 16 नगर निगमों के महापौर, अध्यक्ष तथा आयुक्त एवं जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग व अन्य संबंधित मुख्यालय स्तर के अधिकारियों की आज सायं वर्चुअल बैठक बुलाई है, जिसमें पूरे प्रदेश की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।”

इंदौर में दूषित पानी के कारण फैली बीमारी से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां लोगों के घरों में दूषित पानी सप्लाई किया गया। इसके सेवन से बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए और अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, प्रशासन ने सिर्फ चार मौतों की पुष्टि की है। मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है। कुल तीन जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। इन पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों को फटकार लगाई है। अगली सुनवाई छह जनवरी को होनी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button