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कोयला ‘विकसित भारत 2047’ में निभाता रहेगा अहम भूमिका : पीएम मोदी

साल 2024-25 में पूरे भारत में कोयला उत्पादन 1,047.523 मिलियन टन रहा, जबकि साल 2023-24 में यह 997.826 मिलियन टन था, जिसमें लगभग 4.98 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कोयले की आपूर्ति भी वित्त वर्ष 2023-24 में 973.01 मिलियन टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 1025.33 मिलियन टन हो गई है, जिसमें लगभग 5.38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है…

 

नईदिल्ली (ए)। पीएम मोदी ने सोमवार को कहा कि कोयला विकसित भारत 2047 की यात्रा में अहम भूमिका निभाना जारी रखेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पीएम मोदी ने केंद्रीय कोयला और खनन मंत्री जी.कृष्ण रेड्डी का एक लेख साझा किया, जिसमें कहा गया था कि कैसे पिछले 11 वर्षों में भारत का कोयल क्षेत्र स्वयं को अगली पीढ़ी के ईंधन के रूप में ढाल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कोयला विकसित भारत 2047 की दिशा में भारत की यात्रा में योगदान देता रहेगा, और ग्रीन टेक्नोलॉजी के साथ आसानी से एकीकृत होगा।” सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, देश में साल 2024-25 में अब तक का सबसे अधिक कोयले का उत्पादन हुआ है।

साल 2024-25 में पूरे भारत में कोयला उत्पादन 1,047.523 मिलियन टन रहा, जबकि साल 2023-24 में यह 997.826 मिलियन टन था, जिसमें लगभग 4.98 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कोयले की आपूर्ति भी वित्त वर्ष 2023-24 में 973.01 मिलियन टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 1025.33 मिलियन टन हो गई है, जिसमें लगभग 5.38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

देश में कुल कोयला उत्पादन में एक बड़ी छलांग देखी गई है और यह वित्त वर्ष 2013-14 में 565.77 मिलियन टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 1047.52 मिलियन टन हो गया है। इसके अलावा, 2025 (जनवरी-दिसंबर) के दौरान, देश ने लगभग 1,042.90 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है, पिछले साल की इसी अवधि में लगभग 1,039.62 मिलियन टन कोयले के उत्पादन की तुलना में इसमें लगभग 0.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

मौजूदा समय में कोयला एनर्जी का मुख्य सोर्स है, जो भारत की प्राथमिक वाणिज्य ऊर्जा में 55 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है। कुल पावर जेनरेशन में, कोयले से चलने वाले पावर प्लांट्स का हिस्सा लगभग 72 प्रतिशत है, और कोयला भारत की एनर्जी सिक्योरिटी का एक जरूरी हिस्सा बना रहेगा।

खास बात यह है कि इस दौरान उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत के हिसाब से कोयले की भरपूर और बिना रुकावट आपूर्ति हुई है और देश में कोयले की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं आई है।

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