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गुजरात में BJP का पटेल और ओबीसी कार्ड, 24 में से आधे मंत्री इन्हीं समुदायों के, आदिवासियों को भी लुभाया, विधानसभा स्पीकर भी बने मंत्री

नईदिल्ली (ए)। गुजरात में भाजपा ने सीएम के साथ ही पूरे मंत्रिपरिषद को भी बदल दिया है। इसमें पार्टी ने सत्ता विरोधी लहर से बचने के साथ ही जातीय समीकरणों को भी साधने का प्रयास किया है। भूपेंद्र पटेल कैबिनेट के जिन 24 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है, उनमें आधे मंत्री पटेल और ओबीसी बिरादरी के हैं। दोनों समुदायों के 6-6 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। इससे साफ है कि भाजपा ने एक तरफ पटेल बिरादरी को साधने का प्रयास किया है, जिसकी ओर से कुछ साल पहले आरक्षण को लेकर आंदोलन किया गया था। इसी का असर था कि 2017 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को महज 99 सीटें ही मिल पाई थीं।

बीते दो दशकों का यह सबसे कम आंकड़ा था। माना जा रहा है कि 2017 या फिर उससे भी खराब परिस्थिति न हो, इसलिए भाजपा ने पटेल समुदाय को बड़े पैमाने पर प्रतिनिधित्व दिया है। पाटीदार समुदाय के अलावा भूपेंद्र पटेल की कैबिनेट में ओबीसी समुदाय के भी 6 मंत्रियों को जगह दी गई है। ओबीसी समुदाय की गुजरात में अच्छी खासी संख्या है। ऐसे में बीजेपी ने दोनों बड़े वोटबैंकों को कैबिनेट में जगह देकर साधने का प्रयास किया है। इसके अलावा पार्टी ने आदिवासी समुदाय में भी अपनी पकड़ मजबूत करने के संकेत दिए हैं। नई कैबिनेट में आदिवासी समुदाय के 4 मंत्रियों को जगह दी गई है।

पुराने मंत्रियों को मिल सकती है संगठन में जगह

इसके अलावा दलित समुदाय के तीन नेताओं को मंत्री बनाया गया है। ब्राह्मण और राजपूत समुदाय के दो-दो नेताओं को मंत्री पद मिला है। इसके अलावा एक मंत्री जैन समुदाय से भी चुना गया है। बता दें कि नए मंत्रिपरिषद में विजय रूपाणी की टीम का कोई भी नेता शामिल नहीं है। नितिन पटेल, भूपेंद्र सिंह चूड़ास्मा जैसे दिग्गजों को मंत्री पद न मिलने पर लोगों ने हैरानी जताई है, लेकिन यह सच्चाई है। कहा जा रहा है कि इन नेताओं को संगठन में कहीं जगह दी जाएगी। जानकारों के मुताबिक भाजपा नेतृत्व ने सत्ता विरोधी लहर की काट के लिए ऐसा कदम उठाया है ताकि जनता के बीच जाने में आसानी हो सके।

सत्ता विरोधी लहर की काट करेगा BJP का यह फॉर्म्यूला?

पुराने मंत्री लंबे समय से सरकार का हिस्सा थे और माना जा रहा था कि उनकी नाराजगी आने वाले वक्त में सरकार पर भारी पड़ सकती है। इस तरह से पार्टी ने पुराने नेताओं को हटाकर नए मंत्री बनाते हुए सत्ता विरोधी लहर की काट करने का प्रयास किया है। इसके अलावा पटेल, ओबीसी, आदिवासी समुदाय को महत्व देकर संकेत दिया है कि वह जातीय समीकरणों का भी पूरा ख्याल रख रही है।

इन नेताओं को बनाया गया है भूपेंद्र पटेल सरकार में मंत्री

राजेंद्र त्रिवेदी, जीतू वघानी, ऋषिकेश पटेल, पूर्णेश मोदी, राघवजी पटेल, कनुभाई देसाई, किरीट सिंह राणा, नरेश पटेल, प्रदीप परमार, अर्जुन सिंह चौहान को कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई गई है। इसके अलावा हर्ष सांघवी, जगदीश पांचाल, बृजेश मेरजा, जीतू चौधरी, मनीषा वकील ने राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के तौर पर शपथ ली है।

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