खास खबरदेश-दुनियाफीचर्ड

17वें ब्रिक्स समिट में शामिल हुए PM मोदी, कहा- AI के युग में हर हफ्ते तकनीक अपडेट होती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरे के चौथे चरण में ब्राजील पहुंचे। पांच देशों की यात्रा पर निकले पीएम मोदी सबसे पहले घाना गए थे। इसके बाद उन्होंने कैरेबियन देश- त्रिनिदाद एंड टोबैगो का दौरा किया। यात्रा के तीसरे चरण में पीएम मोदी अर्जेंटीना गए। अब विदेश दौरे के चौथे पड़ाव पर पीएम मोदी चार दिनों के लिए ब्राजील में रूके हैं। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में वे नामीबिया जाएंगे…

 

नईदिल्ली (ए)। ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शिरकत की।पीएम मोदी ने ब्रिक्स समिट की शुरुआत से पहले दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से मुलाकात की। 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘ब्रिक्स का विस्तार और नए मित्रों का जुड़ना इस बात का सबूत है कि ब्रिक्स एक ऐसा संगठन है जो समय के हिसाब से खुद को बदल सकता है। अब हमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, विश्व व्यापार संगठन और बहुपक्षीय विकास बैंकों जैसी संस्थाओं में सुधार के लिए भी यही इच्छाशक्ति दिखानी होगी।’

17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ‘एआई के युग में, जहां हर हफ्ते तकनीक अपडेट होती है, यह स्वीकार्य नहीं है कि कोई वैश्विक संस्थान 80 साल में एक बार भी अपडेट न हो। 20वीं सदी के टाइपराइटर 21वीं सदी के सॉफ्टवेयर को नहीं चला सकते’।

पीएम मोदी ने कहा, ‘आज दुनिया को एक नई, बहुध्रुवीय और समावेशी विश्व व्यवस्था की जरूरत है। इसकी शुरुआत वैश्विक संस्थाओं में व्यापक सुधारों से करनी होगी। सुधार केवल प्रतीकात्मक नहीं होने चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक प्रभाव भी दिखना चाहिए।’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ’20वीं सदी में गठित वैश्विक संस्थाओं में मानवता के दो तिहाई हिस्से को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने वाले देशों को निर्णय लेने वाली मेज पर जगह नहीं दी गई है। यह केवल प्रतिनिधित्व का सवाल नहीं है, बल्कि विश्वसनीयता और प्रभावशीलता का भी सवाल है। ग्लोबल साउथ के बिना ये संस्थाएं सिम कार्ड वाले मोबाइल की तरह लगती हैं, लेकिन नेटवर्क नहीं।’

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘ग्लोबल साउथ अक्सर दोहरे मानदंडों का शिकार रहा है। चाहे विकास की बात हो, संसाधनों के वितरण की बात हो या सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की, ग्लोबल साउथ के हितों को प्राथमिकता नहीं दी गई है। जलवायु वित्त, सतत विकास और प्रौद्योगिकी पहुंच जैसे मुद्दों पर ग्लोबल साउथ को अक्सर सिर्फ औपचारिक इशारे ही मिले हैं’। पीएम मोदी ने आगे कहा ’20वीं सदी में बनी वैश्विक संस्थाएं 21वीं सदी की चुनौतियों से निपटने में असमर्थ हैं। चाहे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे संघर्ष हों, महामारी हो, आर्थिक संकट हो या साइबरस्पेस में नई उभरती चुनौतियां हों, इन संस्थाओं के पास कोई समाधान नहीं है’।

वहींं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- ‘ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में शिखर सम्मेलन में साथी ब्रिक्स नेताओं के साथ, निकट सहयोग और साझा विकास के लिए हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए। ब्रिक्स में अधिक समावेशी और न्यायसंगत वैश्विक भविष्य को आकार देने की अपार क्षमता है।’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button