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इस कपल ने टैटू बनवाकर बना दिया वर्ल्ड रिकॉर्ड: जानिए टैटू बनवाने से स्किन पर क्या होता है असर?

टैटू बनवाना एक शौक है, कई लोग ऐसे ही टैटू बनवा लेते हैं, कई लोग इतने दीवाने होते हैं कि उन्हें बॉडी का हर हिस्सा टैटूमय चाहिए, अर्जेंटीना के कपल ने भी कमाल किया है, लेकिन सावधानी भी जरूरी है…

नईदिल्ली (ए)। कई बार शौक जुनून में बदल जाता है. कुछ इसी जुनून में बर्बाद हो जाते हैैं तो कुछ पूरी दुनिया में फेमस हो जाते हैं. अर्जेंटीना के कपल और ने ऐसा ही कमाल किया. दोनों ने पूरी बॉडी को टैटू से गुदवा दिया. बॉडी में कहीं ऐसा हिस्सा नहीं था, जहां टैटू नहीं बना हुआ था. उन्हें गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मिला है. देश और दुनिया में वह सुर्खियों में हैं. टैटू बनवाने के ऐसे ही दीवाने आपने भी बहुत देखें होंगे. हाथ, पैर और बॉडी के अन्य हिस्सों टैटू लोग बनवा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि टैटू गुदवाने से कई तरह की परेशानी और जानलेवा बीमारियां तक हो जाती हैं. टैटू बनवाते वक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. वहीं हम आज आपको बताने जा रहे हैं।

कैंसर, सोरायसिस का होना: टैटू बनवाने से स्किन कैंसर होने का खतरा रहता है. डॉक्टरोें का कहना है कि टैटू गुदवाते समय स्किन सेल्स इरीटेट होती हैं. इसी के चलते इनमें अनियिंत्रत ग्रोथ होने लगती है. यही कैंसर का कारण बन जाती हैं. इसके अलावा सोरायसिस भी स्किन की गंभीर बीमारी है. टैटू बनवाने से यह बीमारी हो सकती है।

एचआईवी, हेपेटाइटिस का होना
एचआईवी, हेपेटाइटिस सीधे ब्लड के संपर्क में आने पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हो  सकता है. टैटू गुदवाना भी दोनों बीमारियों के होने का प्रमुख कारक रहा है. दरअसल, कई बार टैटू बनाने वाले मशीन की निडिल चेंज नहीं करते हैं और टैटू गुदवाने वाला यदि एचआईवी या हेपेटाइटिस से संक्रमित है तो उस निडिल से दूसरे व्यक्ति इन बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं.

हो सकता है बैक्टीरियल इन्फेक्शन
टैटू गुदवाने से कई बार बैक्टीरियल इन्फेक्शन तक हो सकता है. कुछ लोगों के हाथों में सूजन आ जाती है. इसके अलावा टैटू वाली जगह पर रेड रेशेज भी देखे जा सकते हैं. परेशानी बढ़ने पर डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है.

रंगों में होते हैं जहरीले तत्व: टैटू बनाने के लिए अलग अलग रंगों का इस्तेमाल किया जाता है. क्या आप जानते हैं कि इनमें कई विषैले तत्व मौजूद होते हैं. नीले रंग की स्याही में कोबाल्ट और एल्यूमीनियम, लाल रंग की स्याही में मरक्यूरी सल्फाइड, दूसरे रंगों में भी शीशा, कैडमियम, क्रोमियम, निकिल, टाइटेनियम जैसे घातक तत्व होते हैं. यह सीधा स्किन को नुकसान पहुंचाते हैं।

टैटू बनवाते समय ये रखें ध्यान: किसी प्रशिक्षित व्यक्ति से ही टैटू बनवाना चाहिए. मशीन पूरी तरह से सेनेटाइज्ड होनी चाहिए. सुई या रेजर दोबारा प्रयोग बिल्कुल न करें. टैटू बनवाने वाली जगहों को सेनेटाइजर या एंटीबायोटिक से साफ कर लेना चाहिए. जिस जगह टैटू बने हैं. वहां डॉक्टर से सलाह लेकर एंटीबायोटिक क्रीम लगाते रहें।

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