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टी20 सीरीज में बने रहने के लिए टीम इंडिया को आज जीतना जरूरी: निकोलस पूरन को अंपायरिंग पर सवाल करना पड़ा महंगा, चुकानी होगी भारी कीमत

निकोलस पूरन ने गुयाना टी20 के बाद सार्वजनिक तौर पर अंपायरिंग की आलोचना की. जिसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज पर फाइनल लगाया गया. निकोलस पूरन को लेवल-1 का तहत दोषी पाया गया…

नईदिल्ली (ए)। भारतीय टीम और वेस्टइंडीज के बीच आज (8 अगस्त) 5 मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला खेला जाएगा. हार्दिक पंड्या की कप्तानी वाली टीम इंडिया के लिए सीरीज के अब बाकी बचे तीनों मैच करो या मरो की स्थिति वाले रहेंगे, क्योंकि शुरुआती दोनों मुकाबले विंडीज टीम ने जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त बना रखी है। सीरीज का यह तीसरा मैच गुयाना में भारतीय समयानुसार रात 8.00 बजे से खेला जाएगा. इस मैच में भारतीय स्टार ओपनर यशस्वी जायसवाल को मौका मिल सकता है. यदि ऐसा होता है, तो यह उनका टी20 फॉर्मेट में डेब्यू मुकाबला रहेगा।

बता दें कि गुयाना की धीमी पिचें बल्लेबाजी के अनुकूल नहीं रही हैं, लेकिन जैसा कि कप्तान हार्दिक पंड्या ने रविवार को दूसरा मैच हारने के बाद कहा था, ‘भारत को 10-20 अतिरिक्त रन बनाने के तरीके तलाशने होंगे.’ भारत को आखिरी बार द्विपक्षीय टी20 सीरीज में वेस्टइंडीज ने 2016 में हराया था. यहां पांच मैचों की सीरीज के शुरुआती दो मैच हारने के बाद भारत 0-2 से पीछे है. यदि टीम इंडिया यह मैच हारती है, तो वह पिछले 7 साल बाद विंडीज के खिलाफ कोई टी20 सीरीज हारेगी।

वेस्टइंडीज ने 5 टी20 मैचों की सीरीज के दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया को 2 विकेट से हराया. वेस्टइंडीज की जीत के हीरो विकेटकीपर बल्लेबाज निकोलस पूरन रहे. निकोलस पूरन ने 40 गेंदों पर 67 रनों की शानदार पारी खेली. उन्होंने अपनी पारी में 6 चौके और 4 छक्के जड़े. लेकिन इस विकेटकीपर को अंपायर के फैसले पर सवाल करना महंगा पड़ गया है. दरअसल, निकोलस पूरन पर मैच फीस का 15 फीसदी फाइन लगाया गया है।

निकोलस पूरन पर लगा फाइन निकोलस पूरन ने गुयाना टी20 के बाद सार्वजनिक तौर पर अंपायरिंग की आलोचना की. जिसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज पर फाइनल लगाया गया. निकोलस पूरन को लेवल-1 के तहत दोषी पाया गया. जिसके बाद निकोलस पूरन पर आईसीसी के अनुच्छेद 2.7 के मुताबिक फाइन लगाया गया. दरअसल, आईसीसी के अनुच्छेद 2.7 के अनुसार अगर कोई खिलाड़ी इंटरनेशनल मैच के दौरान हुई किसी बात पर सार्वजनित तौर पर निंदा करते हैं तो वह आईसीसी नियम के खिलाफ है. बहरहाल, निकोलस पूरन ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है।

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