दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

डिजिटल क्रॉप सर्वे की जानकारी लेने कलेक्टर अभिजीत सिंह पहुंचे खेतों में, अधिकारियों एवं सर्वेयर से ली जानकारी

दुर्ग। शासन के निर्देशों के तहत जिले में खरीफ फसलों का डिजिटल क्रॉप सर्वे सर्वेयर के माध्यम से किया जा रहा है। उक्त सर्वे की अद्यतन जानकारी लेने कलेक्टर अभिजीत सिंह आज खेतों में पहुंचे। उन्होंने दुर्ग तहसील के ग्राम नगपुरा ओर बोरी तहसील के ग्राम नवागांव में सर्वेयर के द्वारा किए जा रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे का मौका मुआयना किया।

इस दौरान उन्होंने सर्वे के संबंध में अधिकारियों एवं सर्वेयर से जानकारी ली। कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग हरवंश सिंह मिरी, अनुविभागीय अधिकारी धमधा सोनल डेविड, तहसीलदार दुर्ग प्रफुल्ल गुप्ता, तहसीलदार बोरी तारसिंह खरे, अतिरिक्त तहसीलदार हुलेश्वर खुटे, संबंधित राजस्व निरीक्षक, ग्राम कोटवार, कृषकगण एवं सर्वेयर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागायुक्तों एवं कलेक्टरों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का आयोजन, लोक निर्माण विभाग की सड़कों हेतु भू-अर्जन प्रकरणों, राजस्व विभाग के ई-कोर्ट न्यायालयों में प्रकरणों का त्वरित निराकरण, एग्रीस्टेक के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन एवं किसान आईडी निर्माण तथा खरीफ फसलों का डिजिटल फसल सर्वेक्षण 15 अगस्त से 30 सितम्बर तक पूर्ण करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के आयोजन के संबंध में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रत्येक जिले में रजत महोत्सव को गरिमामय और जनसहभागिता के साथ आयोजित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करते हुए प्रत्येक विभाग द्वारा एक-एक सप्ताह स्थानीय त्यौहार एवं विशेष अवसरों पर कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक ’सेवा पखवाड़ा’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जो रजत जयंती समारोह का ही एक महत्वपूर्ण भाग होगा।

राजस्व विभाग के अंतर्गत संचालित ई-कोर्ट प्रणाली पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के कलेक्टरों से कहा कि लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण किया जाए। इससे न केवल आम नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति भी आएगी। साथ ही उन्होंने संभागीय आयुक्त न्यायालयों में न्यायालयीन प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण करने को कहा।

इस दौरान कृषि विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ एग्रीस्टेक प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए और उनकी किसान आईडी बनाई जाए, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मिल सके। कोई भी किसान इससे वंचित न हो इसका विशेष ध्यान रखे।

मुख्यमंत्री ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण अभियान पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि यह सर्वेक्षण 15 अगस्त से आरंभ कर 30 सितम्बर 2025 तक पूर्ण किया जाए। सर्वेक्षण का कार्य सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध होना चाहिए, जिससे भविष्य में किसानों को फसल बीमा, मुआवजा और अन्य योजनाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने सभी संभागायुक्तों एवं कलेक्टरों से कहा कि विकास कार्य और जनसेवा से जुड़े कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। जिला कार्यालय दुर्ग स्थित एनआईसी कक्ष में संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंह और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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