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तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो गया…यह कैसे पता चलेगा? क्या इसका भी होता है आधिकारिक ऐलान?

दुनिया के हालात जिस तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं, उसे देखकर बहुत से लोग ये सवाल पूछ रहे हैं .क्या तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो गया है. क्या इसकी कोई आधिकारिक घोषणा होती है…

 

नईदिल्ली (ए)। आज की दुनिया लगातार तनाव और टकराव के दौर से गुजर रही है. एक तरफ रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं दूसरी ओर इजरायल और ईरान के बीच हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं. ऐसे में आम लोगों के मन में एक सवाल लगातार घूम रहा है, क्या तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो गया है? क्या इसका भी कोई आधिकारिक ऐलान होता है? आइए जानते है इसके बारे में…

विश्व युद्ध का अर्थ होता है ऐसा युद्ध जिसमें दुनिया के कई प्रमुख देश प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो जाते हैं.  अब तक मानव इतिहास में दो विश्व युद्ध हो चुके हैं, प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) और द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945). दोनों ही युद्धों की शुरुआत किसी एक घटना से हुई, लेकिन धीरे-धीरे पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया. यह एक भ्रम है कि तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत किसी मंच से आधिकारिक घोषणा के साथ होगी. आज की दुनिया में युद्ध छिपकर, साइबर हमलों, आर्थिक प्रतिबंधों, आतंकी हमलों और तकनीकी हथियारों के ज़रिए लड़ा जाता है. इसलिए इसकी शुरुआत अचानक हो सकती है और कई बार लोगों को महीनों बाद समझ आता है कि वे युद्ध की स्थिति में जी रहे थे।

तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत में एक साथ कई देशों में जंग शुरू होगी, जैेस कि रूस बनाम NATO, चीन बनाम ताइवान, ईरान बनाम इजरायल. जब ये सभी संघर्ष एक समय पर उभरें. अगर NATO, QUAD, SCO या दूसरे बड़े सैन्य गठबंधन सक्रिय रूप से युद्ध में उतर जाएं. अगर किसी देश द्वारा परमाणु हमला कर दिया गया, तो ये युद्ध का चरम संकेत होगा. बैंकिंग सिस्टम, एयरपोर्ट, सैटेलाइट्स और पावर ग्रिड पर साइबर अटैक बढ़ जाएं. वैश्विक ट्रेड बंद होने लगे, पेट्रोलियम या अनाज जैसी जरूरी चीजों की कीमतें आसमान छूने लगें. इस तरह के से तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत हो सकती है।

वर्तमान में दुनिया कई मोर्चों पर युद्ध जैसी स्थिति का सामना कर रही है. रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग, चीन की ताइवान पर निगाहें, उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण और इजरायल-ईरान के बीच तनाव ये सभी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर ले आए हैं. फर्क बस इतना है कि इस बार युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि डेटा, स्पेस, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ज़रिए भी लड़ा जाएगा।

तीसरे विश्व युद्ध की कोई घंटी नहीं बजेगी और न ही कोई नेता टीवी पर इसकी घोषणा करेगा. लेकिन जब एक साथ कई मोर्चों पर गोलियां चलने लगें, जब दुनिया के देश एक-दूसरे पर प्रतिबंध लगाने लगें, और जब आप एक सामान्य जीवन से सीधे आपातकालीन स्थिति में पहुंच जाएं तो समझ जाइए कि तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो चुका है।

 

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