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हमारा तीसरा कार्यकाल बहुत दूर नहीं है, सौ- सवा सौ दिन ही रह गए हैं, तीसरे कार्यकाल में बहुत बड़े फैसले होंगे: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘नौ दिन चले, ढाई कोस…ये कहावत पूरी तरह कांग्रेस को परिभाषित करती है। कांग्रेस की सुस्त रफ्तार का कोई मुकाबला नहीं है। आज देश में जिस रफ्तार के साथ काम हो रहा है, कांग्रेस सरकार इस रफ्तार की कल्पना भी नहीं कर सकती…

नईदिल्ली (ए)। बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। डेढ़ घंटे से ज्यादा के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री बेहद आक्रामक दिखे। उन्होंने न केवल कांग्रेस अपितु समूचे विपक्ष को आड़े हाथों लिया। पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई को लेकर एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया। पीएम ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि जिसने देश को लूटा है उसे लौटाना ही होगा। साथ ही पीएम ने कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप भी लगाया।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपनी इसी सोच और विचारधारा का खामियाजा भुगता है। विपक्ष की आज की हालत के लिए भी कांग्रेस ही जिम्मेदार है।

पीएम मोदी ने कहा कि अब बिचौलियों के लिए गरीबों को लूटना बहुत मुश्किल हो गया है। डीबीटी, जनधन अकाउंट, आधार, मोबाइल… उसकी ताकत हमने पहचानी है। 30 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम हमने लोगों के खाते में सीधा पहुंचायी है। पहले कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि हम 100 रुपए भेजते हैं तो 15 पैसे ही गरीबों तक पहुंचते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पहले सदन का पूरा समय घोटालों की चर्चा में जाता था, भ्रष्टाचार की चर्चा में जाता था। लगातार एक्शन की मांग होती थी, चारों तरफ सिर्फ भ्रष्टाचार की ही खबरें होती थीं। आज जब भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई होती है तो ये लोग उनके समर्थन में हंगामा करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैं इस पवित्र सदन में दोहराता हूं कि जिसे जितना जुल्म मुझ पर करना है कर ले, मेरी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई चलती रहेगी। जिसने देश को लूटा है उनको लौटाना पड़ेगा।

यहां पर बहुत गुस्सा व्यक्त किया गया है। जितना सख्त शब्दों में गुस्सा व्यक्त किया गया है। उनका दर्द मैं समझता हूं। उनकी मुसीबत और गुस्सा मैं समझता हूं..क्योंकि तीर निशाने पर लगा है। भ्रष्टाचार पर एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं। उसको लेकर भी इतना गुस्सा..क्या-क्या शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। दस साल पहले हमारे सदन का पूरा समय घोटाले के चर्चों पर जाती थी। भ्रष्टाचार की चर्चा पर जाता था। लगातार कार्रवाई की मांग होती थी और आज जब भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, लोग उनके समर्थन में हंगामा करते हैं। इनके समय में एजेंसियों का सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक इस्तेमाल किया जाता था। उनको काम नहीं करने दिया जाता था।

पीएम मोदी ने देश की सबसे पुरानी पार्टी को घेरते हुए कहा कि आज विपक्ष की जो हालत है, इसकी सबसे बड़ी दोषी कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस को एक अच्छा विपक्ष बनने का बहुत बड़ा अवसर मिला था, लेकिन 10 वर्षों में ये उस दायित्व को निभाने में भी विफल हो गए। उसी उत्पाद को दोबारा लॉन्च करने के चक्कर में कांग्रेस पार्टी की दुकान बंद होने की कगार पर है।

उन्होंने कहा, जिस कर्पूरी ठाकुर ने पूरा जीवन लोकतंत्र के सिद्धांतों, संविधान की मर्यादाओं के लिए खपा दिया, उनका अपमान करने का काम कांग्रेस पार्टी ने किया था।  लोकसभा सदन में पीएम मोदी अपने संबोधन में विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए गुस्से में भी दिखाई दिए। कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने देश की सबसे पुरानी पार्टी पर परिवारवाद और समाज को बांटने के आरोप लगाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कब तक टुकड़ों में सोचते रहोंगे। कब तक समाज को बांटते रहोगे। कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि अब तो सीमा रखो, बहुत तोड़ा देश को।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘नौ दिन चले, ढाई कोस…ये कहावत पूरी तरह कांग्रेस को परिभाषित करती है। कांग्रेस की सुस्त रफ्तार का कोई मुकाबला नहीं है। आज देश में जिस रफ्तार के साथ काम हो रहा है, कांग्रेस सरकार इस रफ्तार की कल्पना भी नहीं कर सकती। हमने गरीबों के लिए चार करोड़ घर बनाए इसमें से 80 लाख पक्के मकान शहरी गरीबों के लिए बने। अगर कांग्रेस की रफ्तार से काम हुआ होता तो इतना काम होने में 100 साल लगते, 100 पीढ़ियां बीत जातीं।’ उन्होंने कहा, ’10 वर्ष में 40 हजार किलोमीटर रेलने ट्रैक का विद्युतीकरण हुआ है। अगर कांग्रेस की रफ्तार से देश चलता तो इस काम को करने में 80 साल लग जाते।’

उन्होंने कहा, ‘हमने 17 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन दिए हैं, अगर कांग्रेस की रफ्तार से चलते तो इस काम को करने में और 60 साल लग जाते हैं। तीन पीढ़ियां धुएं में खाना बनाने-बनाते गुजर जाती।’ कांग्रेस की जो मानसिकता है, जिसका देश को बहुत नुकसान हुआ है। कांग्रेस ने देश के सामर्थ्य पर कभी भरोसा नहीं किया, वो अपने आप को शासक मानते रहे और जनता-जनार्दन को कमतर आंकते गए।

‘हमारा तीसरा कार्यकाल बहुत दूर नहीं’
उन्होंने कहा, हमारा तीसरा कार्यकाल बहुत दूर नहीं है। सौ सवा सौ दिन ही रह गए हैं। तीसरे कार्यकाल में बहुत बड़े फैसले होंगे।

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