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मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस की दी शुभकामनाएं, भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती और मेजर ध्यानचंद को उनके पुण्यतिथि पर किया नमन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी दिव्यांगजनों को आज 03 दिसम्बर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि निःशक्त व्यक्तियों के लिए समान अधिकार, तरक्की और विकास के रास्ते सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजन के सर्वांगीण विकास और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दिव्यांग भी मुख्यधारा का ही हिस्सा हैं। निःशक्तता सिर्फ एक शारीरिक कमी है, यह समझने के लिए समाज में जागरूकता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग दिवस तभी सार्थक हो सकता है जब सभी निःशक्त व्यक्ति अन्य नागरिकों के समान ही आर्थिक और सामाजिक स्थिति पा सकें। भावी पीढ़ी को दिव्यांगता से बचाने के लिए हमें उनके पोषण और स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक होने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को उनकी जयंती पर किया नमन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की आज 03 दिसम्बर को जयंती पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के योगदान को याद करते हुए कहा है कि राजेन्द्र बाबू भारतीय स्वाधीनता संग्राम के महत्वपूर्ण राजनेताओं में से एक थे।

उन्होंने संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में देश को एक मजबूत संविधान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने राष्ट्रपति रहते हुए स्वतंत्र तथा निष्पक्ष कार्य की मिसाल प्रस्तुत की। उन्होंने भारत में संभावनाओं से भरे जीवन की कल्पना की थी और उन्हें साकार करने के लिए उन्होंने अद्वितीय समर्पण दिखाया। उनके जीवन मूल्य और अमूल्य विचार हमें हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने मेजर ध्यानचंद की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हॉकी के जादूगर पद्म भूषण मेजर ध्यानचंद की आज 03 दिसम्बर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मेजर ध्यानचंद के खेल के क्षेत्र में अमूल्य योगदान को याद करते हुए श्री साय ने कहा है कि मेजर ध्यानचंद जी अपनी प्रतिभा और हॉकी के प्रति समर्पण, प्रेम और अनुशासन से भारत में हॉकी की पहचान बन गए हैं।

उनके के जादुई खेल से भारत ने ओलंपिक खेलों में तीन स्वर्ण पदक हासिल किए। उनके जन्मदिन को भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का खेल के प्रति समर्पण और देश प्रेम की भावना हम सबके लिए प्रेरणास्पद है।

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