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बजट में छत्तीसगढ़ को रेल विकास के लिए 6922 करोड़ रुपये का प्रावधान, रेलमंत्री ने विडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली प्रेसवार्ता

रायपुर। 2024-25 का बजट दिनांक 23 जुलाई 2024 को संसद में पेश किया गया था। इसी परिपेक्ष्य में रेलवे में चल रही विभिन्न परियोजनाओं, नई परियोजनाओं, कार्यो एवं मदों के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। रेलवे के लिए जारी की गई बजट प्रावधान में मुख्यतः औद्योगिक विकास को बढ़ावा, उच्च घनत्व वाले नेटवर्क की भीड़भाड़ को कम करना एवं मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी को सक्षम बनाने पर ज़ोर दिया गया है।

इसी तारतम्य में रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रेसवार्ता को संबोधित कर रेलवे के लिए जारी की गई बजट प्रावधान की जानकारी दी। इस दौरान बिलासपुर मुख्यालय, रायपुर एवं नागपुर मण्डल कार्यालय स्थित सभाकक्ष में बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकारगण उपस्थित हुए।

छत्तीसगढ़ राज्य में रेल विकास के लिए 6922 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो कि वर्ष 2009 से 2014 के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के लिए आबंटित औसत 311 करोड़ रुपये से 22 गुना अधिक है। वर्ष 2009 से 2014 के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य में औसत 6 किलोमीटर प्रतिवर्ष रेल लाइन के निर्माण किए गए, जबकि 2014 से 2024 के दौरान इससे 17 गुना अधिक औसत 100 किलोमीटर प्रतिवर्ष रेल लाइन के निर्माण किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य में रेल लाइन का शत प्रतिशत विद्युतीकरण किया गया है। वर्ष 2014 से 2024 के दौरान 31 किलोमीटर प्रतिवर्ष रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया गया है।

छतीसगढ़ राज्य में 37018 करोड़ रुपए लागत से 2731 किलोमीटर की 25 नई रेल लाइन परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के 32 स्टेशनों का विकास किया जा रहा है, जिनमें अकलतरा, अंबिकापुर, बैकुंठपुर रोड, बालोद, बाराद्वार, बिल्हा, भानुप्रतापपुर, भाटापारा, भिलाई, भिलाई नगर, भिलाई पावर हाउस, बिलासपुर, चांपा, दल्लीराजहरा, डोंगरगढ़, दुर्ग, हथबंध, जगदलपुर, जांजगीर नैला, कोरबा, महासमुंद, मंदिर हसौद, मरौदा, निपनिया, पेंड्रा रोड, रायगढ़, रायपुर जंक्शन, राज नांदगांव, सरोना, तिल्दा-नेवरा, उरकुरा एवं उसलापुर स्टेशन शामिल है। आगे उन्होने बताया कि वर्ष 2014 से अब तक छतीसगढ़ राज्य में 141 रेल ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज का निर्माण किया गया है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में लाइनों की क्षमता बढ़ाने के लिए दोहरीकरण, तिहरीकरण एवं चौथी लाइन के कार्य वृहद रूप से किए जा रहे है। पिछले वित्तीय वर्ष में, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 143 किलोमीटर नए सेक्शन (133.3 किलोमीटर मल्टी-ट्रैकिंग, 3.8 किलोमीटर नई लाइनें और 6 किलोमीटर गेज परिवर्तन) का काम पूरा किया था, जिसमें बिलासपुर-उसलापुर आरओआर फ्लाईओवर का निर्माण किया गया । वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए कुल 421 किलोमीटर का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 224 किलोमीटर मल्टी-ट्रैकिंग, 20 किलोमीटर नई लाइनें और 177 किलोमीटर गेज परिवर्तन शामिल है।

पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 13 फुट ओवर ब्रिज और 09 हाई लेवल प्लेटफॉर्म का निर्माण पूरा किया गया। इस वित्तीय वर्ष में अब तक 01 फूट ओवरब्रिज का कार्य पूरा किया गया है । विभिन्न स्टेशनों पर 25 लिफ्ट और 14 एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध है और 04 एस्केलेटर और 09 लिफ्ट लगाने का कार्य प्रगति पर है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में ऑटो सिग्नलिग कार्य के अंतर्गत विगत वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान 136.25 किलोमीटर ऑटो सिग्नलिग सिस्टम का कार्य पूर्ण किया गया था। वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का 460 किलोमीटर सेक्शन ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम से लैस है। बजट प्रावधान के पश्चात दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख रेल खंडों में ऑटो सिग्नलिग के कार्यों में तेजी आएगी।

प्रेसवार्ता के दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल सभागार में मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश त्रिवेदी, प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) के उपनिदेशक रमेश गजबिये एवं मंडल के अन्य अधिकारी, रायपुर (छत्तीसगढ़) मीडिया के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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