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पितरों के अच्छे कामों को आगे ले जाकर उन्हें दें सच्ची श्रद्धांजलि- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज 2 अक्टूबर को सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या के अवसर पर जारी अपने संदेश में कहा कि पितर पक्ष पूर्वजों के प्रति हमारे सम्मान, प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक है। मान्यता है साल में 15 दिनों के लिए पितर पक्ष में दिवंगत पूर्वज अपने घर आते हैं। इस दौरान हम अपने पूर्वजों के मोक्ष और शांति के लिए श्राद्ध करते हैं और उनसे जीवन में खुशहाली के लिए आशीर्वाद की कामना करते हैं।

श्री साय ने कहा कि पितरों का सम्मान हमारी परम्परा, सभ्यता और संस्कृति का अहम हिस्सा रहा है। हमारे पूर्वज जो धरोहर छोड़ गए हैं, उसे सहेजने और संवारने की जिम्मेदारी हम सबकी है। हम अपने पूर्वजों के समाज के लिए किए गएअच्छे कामों को आगे ले जाकर उन्हें सही मायनों में श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें किया नमन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 02 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंनेे अपने संदेश में कहा है कि भारतीय स्वाधीनता संग्राम में शास्त्री जी का महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय देश को कुशल नेतृत्व प्रदान किया और ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा देकर जनता का मनोबल बढ़ाया।

शास्त्री जी ने सादगी से जीवन जिया और अपना पूरा जीवन गरीबों की सेवा में अर्पित कर दिया। श्री साय ने कहा कि शास्त्री जी के विचार और जीवन मूल्य सदा लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें किया नमन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर उन्हें नमन किया है। महात्मा गांधी के अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा है कि महात्मा गांधी ने भारत में स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने सत्य, प्रेम और अहिंसा का मार्ग अपनाकर पूरे विश्व के सामने मिसाल कायम की। महात्मा गांधी ने भारत को सही अर्थों में सिद्धांत और व्यवहार से जोड़ा था।

उन्होंने भारतीयों को स्वदेशी वस्त्रों और उत्पादों का उपयोग करके आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया। उन्होंने चरखा का प्रतीक अपनाया, खादी को बढ़ावा दिया। स्वच्छता के लिए ढेरों छोटे-बड़े अभियान चलाए। उनके मार्ग पर चलकर गांधी जी की जयंती पर 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन देश भर में व्यापक तौर पर राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में शुरू किया गया। एक स्वच्छ और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देकर हम गांधी जी को अपनी सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।

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