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पीएम मोदी 16 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश का करेंगे दौरा, 13430 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

पीएम भ्रामराम्बा मल्लिकार्जुन स्वामी वरला देवस्थानम में पूजा और दर्शन करेंगे, जो 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और 52 शक्तिपीठों में से एक है। इस मंदिर की अनूठी विशेषता एक ही मंदिर परिसर में एक ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ का सह-अस्तित्व है, जो इसे पूरे देश में अपनी तरह का एक अनूठा मंदिर बनाता है…

 

नईदिल्ली (ए)। पीएम 16 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश का दौरा करेंगे। जहां वह कुरनूल में लगभग 13,430 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पीएम मोदी श्रीशैलम में भ्रामराम्बा मल्लिकार्जुन स्वामी वरला देवस्थानम में पूजा और दर्शन करेंगे। साथ ही छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को मनाने के लिए श्रीशैलम में श्री शिवाजी स्फूर्ती केंद्र का दौरा करेंगे।

कार्यक्रम के अनुसार लगभग 11:15 बजे, वह नंदयाल जिले के श्रीशैलम में श्री भ्रामराम्बा मल्लिकार्जुन स्वामी वरला देवस्थानम में पूजा और दर्शन करेंगे। इसके बाद करीब 12:15 बजे वह श्रीशैलम में श्री शिवाजी स्फूर्ति केंद्र का दौरा करेंगे।इसके बाद प्रधानमंत्री कुरनूल जाएंगे जहां वे दोपहर लगभग 2:30 बजे लगभग 13,430 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

पीएम भ्रामराम्बा मल्लिकार्जुन स्वामी वरला देवस्थानम में पूजा और दर्शन करेंगे, जो 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और 52 शक्तिपीठों में से एक है। इस मंदिर की अनूठी विशेषता एक ही मंदिर परिसर में एक ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ का सह-अस्तित्व है, जो इसे पूरे देश में अपनी तरह का एक अनूठा मंदिर बनाता है।

पीएम शिवाजी स्फूर्ति केंद्र का भी दौरा करेंगे, जो एक स्मारक परिसर है जिसमें एक ध्यान मंदिर (ध्यान कक्ष) शामिल है जिसके चारों कोनों पर चार प्रतिष्ठित किलों – प्रतापगढ़, राजगढ़, रायगढ़ और शिवनेरी – के मॉडल स्थापित हैं। इसके केंद्र में छत्रपति शिवाजी महाराज की गहन ध्यान मुद्रा में एक प्रतिमा स्थापित है। यह केंद्र श्री शिवाजी स्मारक समिति द्वारा संचालित है, जिसकी स्थापना श्रीशैलम में 1677 में छत्रपति शिवाजी महाराज की इस पवित्र तीर्थस्थल की ऐतिहासिक यात्रा के उपलक्ष्य में की गई थी।

पीएम मोदी लगभग 13,430 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएँ उद्योग, विद्युत पारेषण, सड़क, रेलवे, रक्षा विनिर्माण, और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सहित प्रमुख क्षेत्रों में फैली हुई हैं, जो क्षेत्रीय बुनियादी ढाँचे को बढ़ाने, औद्योगीकरण को गति देने और राज्य में समावेशी सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

पीएम 2,880 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कुरनूल-III पूलिंग स्टेशन पर पारेषण प्रणाली सुदृढ़ीकरण परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना में 765 केवी डबल-सर्किट कुरनूल-III पूलिंग स्टेशन-चिलकलुरिपेटा ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण शामिल है, जिससे रूपांतरण क्षमता में 6,000 एमवीए की वृद्धि होगी और देश के विकास को गति देने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का बड़े पैमाने पर संचरण संभव होगा।

इस दौरान पीएम कुरनूल में ओर्वाकल औद्योगिक क्षेत्र और कडप्पा में कोप्पर्थी औद्योगिक क्षेत्र की आधारशिला भी रखेंगे, जिन पर कुल 4,920 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा। राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) और आंध्र प्रदेश औद्योगिक अवसंरचना निगम लिमिटेड (एपीआईआईसी) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित, ये आधुनिक, बहु-क्षेत्रीय औद्योगिक केंद्र प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना और वॉक-टू-वर्क अवधारणा से युक्त हैं। इनसे 21,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने और लगभग एक लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है, जिससे आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र में औद्योगिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।

सड़क अवसंरचना को बढ़ाने के लिए, प्रधानमंत्री 960 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले सब्बावरम से शीलानगर तक छह लेन वाले ग्रीनफील्ड राजमार्ग की आधारशिला रखेंगे, जिसका उद्देश्य विशाखापत्तनम में भीड़भाड़ कम करना और व्यापार एवं रोजगार को सुविधाजनक बनाना है। इसके अलावा, लगभग 1,140 करोड़ रुपये की छह सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा, जिनमें पिलेरू-कलूर खंड का चार लेन का निर्माण, कडप्पा/नेल्लोर सीमा से सीएस पुरम तक चौड़ीकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग 165 पर गुडीवाड़ा और नुजेला रेलवे स्टेशनों के बीच चार लेन का रेल ओवर ब्रिज (आरओबी), राष्ट्रीय राजमार्ग 565 पर काओंगी-ओंगी 1 नदी पासपास और राष्ट्रीय राजमार्ग 544डीडी पर एन. गुंडलापल्ली शहर में बाईपास किए गए खंड का सुधार शामिल है। इन परियोजनाओं से सुरक्षा में सुधार होगा, यात्रा का समय कम होगा और पूरे आंध्र प्रदेश में क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा।

पीएम मोदी 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की कई प्रमुख रेलवे परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं में कोट्टावलसा-विजयनगरम चौथी रेलवे लाइन और पेंडुर्ती व सिंहाचलम उत्तर के बीच रेल फ्लाईओवर का शिलान्यास, और कोट्टावलसा-बोड्डावारा खंड और शिमिलिगुड़ा-गोरपुर खंड के दोहरीकरण को राष्ट्र को समर्पित करना शामिल है। ये परियोजनाएँ भीड़भाड़ कम करेंगी, तेज़ और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेंगी, यात्रियों और माल की सुगम आवाजाही को सुगम बनाएँगी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगी।

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