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प्रधानमंत्री मोदी ने आरबीआई को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवार्ड 2025 से सम्मानित किए जाने पर दी बधाई

जनवरी 2023 में लॉन्च किए गए सारथी ने आरबीआई के आंतरिक वर्कफ्लो को डिजिटल कर दिया, जिससे कर्मचारी सुरक्षित रूप से दस्तावेजों को जमा और साझा कर सकते हैं। इससे रिकॉर्ड मैनेजमेंट में सुधार आया है…

 

 

नईदिल्ली (ए)। यूनाइटेड किंगडम (यूके) के लंदन स्थित सेंट्रल बैंकिंग की ओर से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवार्ड 2025 के लिए चुने जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को बधाई दी।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरबीआई की पोस्ट को कोट करते हुए लिखा कि यह सराहनीय उपलब्धि है, जो शासन में इनोवेशन और दक्षता को दिखाती है। उन्होंने आगे लिखा कि डिजिटल इनोवेशन भारत के डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बना रहा है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों का जीवन सशक्त हो रहा है।

आरबीआई को ‘प्रवाह’ और ‘सारथी’ नामक अपनी डिजिटल पहलों के लिए सम्मानित किया गया, जिन्हें केंद्रीय बैंक की इन-हाउस डेवलपर टीम द्वारा विकसित किया गया था। पुरस्कार समिति ने स्वीकार किया कि कैसे इन डिजिटल पहलों ने कागज-आधारित सबमिशन के उपयोग को कम कर दिया है, जिससे आरबीआई की आंतरिक और बाहरी प्रक्रियाओं में बदलाव आया है।

उल्लेखनीय है, जनवरी 2023 में लॉन्च किए गए सारथी ने आरबीआई के आंतरिक वर्कफ्लो को डिजिटल कर दिया, जिससे कर्मचारी सुरक्षित रूप से दस्तावेजों को जमा और साझा कर सकते हैं। इससे रिकॉर्ड मैनेजमेंट में सुधार आया है। साथ ही कर्मचारी रिपोर्ट और डैशबोर्ड के माध्यम से डेटा विश्लेषण कर सकते हैं। सारथी ने प्रक्रियाओं को स्वचालित करके आरबीआई को परिचालन दक्षता बढ़ाने में मदद की है। जहां पहले आरबीआई के कई विभाग मैनुअल और डिजिटल प्रक्रियाओं के खंडित मिश्रण पर निर्भर थे, वहीं सारथी केंद्रीय बैंक की जानकारी के लिए एक यूनिफाइड ग्लोबल रिपॉजिटरी बनाता है।

मई 2024 में प्रवाह लॉन्च किया गया था, जो बाहरी यूजर्स के लिए आरबीआई को विनियामक आवेदन प्रस्तुत करने के लिए एक डिजिटल माध्यम है। पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत और संसाधित किए गए दस्तावेजों को सारथी डेटाबेस में प्लग किया जाता है, जहां उन्हें केंद्रीकृत साइबर सुरक्षा प्रणालियों और डिजिटल ट्रैकिंग के साथ आरबीआई कार्यालयों में डिजिटल रूप से संभाला जा सकता है।

प्रवाह ने अब तक 70 से अधिक विभिन्न विनियामक अनुप्रयोगों को डिजिटल बना दिया है, यह आरबीआई के नौ विभागों के काम में मदद करता है। मई में इसके लॉन्च और 2024 के अंत के बीच, इस सिस्टम के माध्यम से 2,000 से अधिक आवेदन दायर किए गए थे, जो मासिक आवेदनों में 80 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इसकी वजह पोर्टल का उपयोग में आसान होना है।

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