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प्रोजेक्ट टाइगर की सफलता न केवल भारत के लिए, बल्कि विश्व के लिए भी गर्व की बात: पीएम मोदी

देश प्रोजेक्ट टाइगर के सफलतापूर्वक 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है. रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में बाघों की संख्या के नए आंकड़े जारी किए…

नईदिल्ली (ए)। चीतों को नामीबिया से कूनो तक लाने की पहल के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वन्य जीवों को संरक्षण की एक और बड़ी मुहिम में जुट गए हैं. पीएम मोदी रविवार 9 अप्रैल को मैसूर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री ने इंटरनेशनल बिग कैट्स एलायंस यानी आईबीसीए का शुभारंभ किया।

आईबीसीए दुनिया की सात अहम बड़ी बिल्लियों यानी बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, प्यूमा, जगुआर और चीता के संरक्षण को बढ़ावा देगा. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने पर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और देश में बाघों के नई संख्या की जानकारी दी।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा, ”हम सभी एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव के साक्षी बन रहे हैं, प्रोजेक्ट टाइगर को 50 वर्ष हो गए हैं. प्रोजेक्ट टाइगर की सफलता न केवल भारत के लिए, बल्कि विश्व के लिए भी गर्व की बात है. भारत ने न सिर्फ टाइगर को बचाया है, बल्कि उसे फलने-फूलने का एक बेहतरीन ईको सिस्टम दिया है।”

पीएम ने बताई बाघों की आबादी बढ़ने की वजह

पीएम मोदी ने कहा, ”जब अनेक टाइगर रिजर्व देशों में उनकी आबादी स्थिर है या आबादी घट रही है तो फिर भारत में तेजी से बढ़ क्यों रही है? इसका उत्तर है भारत की परंपरा, भारत की संस्कृति और भारत के समाज में बायो डायवर्सिटी को लेकर, पर्यावरण को लेकर हमारा स्वाभाविक आग्रह।”

पीएम ने कहा, ”बिग कैट्स की वजह से टाइगर रिजर्व पर्यटकों की संख्या बढ़ी और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है. बिग कैट्स की मौजूदगी ने हर जगह स्थानीय लोगों के जीवन और वहां की इकोलॉजी पर सकारात्मक असर डाला है.”

कूनो नेशनल पार्क में चीतों को लाने का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, ”दशकों पहले भारत से चीता विलुप्त हो गए थे, हम शानदार चीतों को नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से भारत लेकर आए. कुछ दिन पहले ही कूनो नेशनल पार्क में 4 सुंदर शावकों ने जन्म लिया है.”

बाघों के नए आंकड़े किए जारी

प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने पर पीएम मोदी बाघों की गणना के नए आंकड़े भी जारी किए. पीएम मोदी ने बताया कि साल 2022 के लिए की गई गिनती के मुताबिक इस समय देश में बाघों की आबादी 3167 पहुंच गई है।

इसके पहले रविवार सुबह प्रधानमंत्री चामराजनगर जिले में स्थित बांदीपुर टाइगर रिजर्व पहुंचे और वहां का दौरा किया. इसके बाद वह चामराजनगर जिले की सीमा से सटे तमिलनाडु स्थित मुदुमलाई टाइगर र‍िजर्व में थेप्पाकडू एलीफैंट कैंप में पहुंचे और हाथी शिविर के महावतों से बातचीत की. प्रधानमंत्री ने कैंप में हाथियों को चारा भी खिलाया।

प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल

भारत इस साल देश में प्रोजेक्ट टाइगर के शुरू होने के 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है. 5 दशक पहले 1 अप्रैल, 1973 को बाघों की बचाने की सबसे बड़ी मुहिम शुरू की थी. पीएम मोदी ने शनिवार देर रात ट्वीट कर अपने दौरे के बारे में जानकारी दी. उन्होंने लिखा, “हैदराबाद और चेन्नई में कार्यक्रमों के बाद शाम को पहले मैसूरु में उतरा. कल, 9 अप्रैल को, मैं प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने के अवसर पर होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लूंगा।”

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