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ब्रेन सर्जरी के दौरान मरीज डॉक्टर से करता रहा बातचीत, वोकहार्ड हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डॉ. राहुल झामड़ ने किया सफल ऑपरेशन

वोकहार्ट हॉस्पिटल में दुर्लभ ब्रेन सर्जरी के दौरान सर्जन से मरीज ने की बातचीत

भिलाई। शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में वोकहार्ट हॉस्पिटल, नागपुर के न्यूरो सर्जन डॉक्टर राहुल झामड ने बताया कि हमारी टीम राजनांदगांव के मरीज के दिमाग की सर्जरी करती रही और वह उनसे बाते करता रहा। मरीज को इस बात का अहसास तो था कि उसके सिर के भीतर कुछ हो रहा है पर उसे दर्द का कोई अहसास नही था।

अवेक क्रेनियोटॉमी या जागृत अवस्था में ब्रेन सर्जरी का यह मामला वोकहार्ट हॉस्पिटल, नागपुर का है। न्यूरो सर्जन डॉ राहुल झमड, न्यूरो एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ अवन्तिका जायसवाल की टीम ने यह सर्जरी की है। डॉ झामड़ ने बताया कि मरीज को ब्रेन ट्यूमर था। इस सर्जरी का उद्देश्य मस्तिष्क के संवेदनशील हिस्सों को
सुरक्षित रखते हुए ट्यूमर के ज्यादा से ज्यादा हिस्से को निकालना था।

प्रेसवार्ता के दौरान डॉ झामड ने बताया कि आमतौर पर मस्तिष्क की सतह पर कुछ ही फंक्शन्स के केन्द्र होते हैं। सतह के नीचे नसों के गुच्छे होते हैं जो मेरूरज्जु (स्पाइनल कार्ड) तक जाते हैं। सर्जरी के दौराना इन नसों की लगातार मैपिंग करनी होती है ताकि इनके द्वारा संपादित होने वाले कार्यों पर नजर रखी जा सके। ऐसा करने पर सर्जरी के दौरान इन्हें बचाते हुए ट्यूमर को निकालना संभव हो जाता है। महत्वपूर्ण तंत्रिकाओं को चोट पहुंचने पर स्थायी विकलंगता आ सकती है।

न्यूरोसर्जन्स की टीम मरीज के दिमाग की सर्जरी करती रही और वह उनसे बातें करता रहा। मरीज को इस बात का अहसास तो था कि उसके सिर के भीतर कुछ हो रहा है पर उसे दर्द का कोई अहसास नहीं था। दरअसल मस्तिष्क में दर्द का अहसास जगाने वाले रेशे नहीं होते। यह सब संभव हो पाया लोकल एनेस्थीसिया और मामूली सेडेटिव्स की मदद से ताकि खोपड़ी खोली जा सके। प्रेसवार्ता में सुभाष यादव भी उपस्थित थे। यहां देखे पूरा वीडियो👇

https://youtu.be/W7ibDMuB1Xk

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