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भारत और फिलीपींस के बीच रणनीतिक साझेदारी की घोषणा

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मार्कोस के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसके बाद दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। राष्ट्रपति मार्कोस ने पीएम मोदी द्वारा आयोजित दोपहर के भोजन में भी भाग लिया। राष्ट्रपति मार्कोस ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। मार्कोस भारत के आईटी हब बेंगलुरु भी जाएंगे…

 

नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर 4 से 8 अगस्त तक भारत दौरे पर हैं। इस बीच 5 अगस्त को राष्ट्रपति मार्कोस को राष्ट्रपति भवन के मुख्य द्वार पर आधिकारिक स्वागत किया गया। इसके बाद, मार्कोस ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए राज घाट का दौरा किया। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मार्कोस के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसके बाद दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। राष्ट्रपति मार्कोस ने पीएम मोदी द्वारा आयोजित दोपहर के भोजन में भी भाग लिया। राष्ट्रपति मार्कोस ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। मार्कोस भारत के आईटी हब बेंगलुरु भी जाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मार्कोस ने कई बिंदुओं पर सहमति व्यक्त की। भारत और फिलीपींस के बीच कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई गई, जो 1949 में स्थापित हुए थे। दोनों देशों के बीच शांति, विश्वास, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों की एक लंबी परंपरा है, जिसे और मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

दोनों देशों ने 1952 में हुए मित्रता समझौते, 2000 में नीति परामर्श समझौते, 2007 में द्विपक्षीय सहयोग आयोग की स्थापना और 2007 में द्विपक्षीय सहयोग के ढांचे पर घोषित समझौतों को फिर से रेखांकित किया।

भारत और फिलीपींस ने एक नई रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की, जो दोनों देशों के लिए द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की पूर्ण संभावनाओं को साकार करने के लिए एक नई दिशा है। यह साझेदारी शांति, स्थिरता और समृद्धि की दिशा में दोनों देशों के सहयोग को मजबूत करने के लिए है और इसका उद्देश्य भविष्य के लिए एक-दूसरे के लिए लाभकारी सहयोग का मार्ग प्रशस्त करना है। यह साझेदारी एक दशक तक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए कार्य योजना (प्लान ऑफ एक्शन) पर आधारित होगी।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति मार्कोस ने राजनीतिक, रक्षा और सुरक्षा, समुद्री क्षेत्र, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन, अंतरिक्ष सहयोग, व्यापार और निवेश, औद्योगिक सहयोग, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल प्रौद्योगिकियां, विकास सहयोग, संस्कृति, पर्यटन, और लोगों के बीच आदान-प्रदान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

दोनों देशों ने 2006 में हस्ताक्षरित रक्षा सहयोग समझौते पर आधारित नियमित उच्चस्तरीय संवाद और सैन्य प्रशिक्षण को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके अलावा, समुद्री सुरक्षा और मरीन संसाधनों के साझा उपयोग के लिए सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि का स्वागत किया, जो 2024-25 में लगभग 3.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है।

इसके साथ ही, दोनों देशों ने अधिमान्य व्यापार समझौता (पीटीए) के शीघ्र समापन पर सहमति व्यक्त की, जिससे व्यापारिक सहयोग को और बढ़ावा मिलेगा। दोनों देशों ने संयुक्त अनुसंधान और विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि, और अंतरिक्ष विज्ञान में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में द्विपक्षीय आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने एक व्यापक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम की योजना बनाई है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत भारत-फिलीपींस के छात्रों, पर्यटकों, और पेशेवरों के बीच अधिक से अधिक संपर्क और सहयोग बढ़ाया जाएगा। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र, दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्र संघ, और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है।

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