छत्तीसगढ़फीचर्ड

वन भूमि पर अतिक्रमण, रेत के अवैध उत्खनन करने की शिकायत: मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए

रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में रायपुर जिले के लखना से आए ग्रामीण ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात करके गांव के समीप वन भूमि पर अतिक्रमण और रेत के अवैध उत्खनन कर परिवहन करने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले का परीक्षण कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में प्राप्त आवेदन वनमंडलाधिकारी को कार्रवाई के लिए भेजा गया है।

जनदर्शन के दौरान रायपुर जिले के ही आरंग विकासखंड की ग्राम पंचायत भलेरा के ग्रामीणों ने सरपंच और पंच के खिलाफ मनरेगा में फर्जीवाड़ा की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच कराने का आवेदन दिया। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर रायपुर को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनदर्शन कार्यक्रम में कुसमुंडा के भू विस्थापित ग्रामीण मुख्यमंत्री से मिले: मुख्यमंत्री निवास रायपुर में साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के दूरदराज से आए लोगों का तांता लगा रहा। इसी क्रम में कोरबा जिले के कुसमुंडा के भू विस्थापित ग्रामीण परिवार जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिले।

इन परिवारों ने बताया कि वे जटराज, पाली और सोनपुरी जैसे विभिन्न गांव में रहते हैं। इनमें बस सुविधा नहीं होने की वजह से बच्चों को स्कूल पहुंचने में काफी समस्या होती है। अगर स्कूल बस की सुविधा शासन द्वारा दे दिए जाए तो बहुत अच्छा होगा। इसके साथ ही ग्रामीणों ने एक एंबुलेंस की भी मांग की। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस नहीं होने की वजह से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को कोरबा जिला मुख्यालय पहुंचने में दिक्कत होती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मौके पर ही कलेक्टर कोरबा को इन दोनों सुविधाओं के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही आपकी दोनों समस्याएं हल हो जायेंगी और बच्चे भी स्कूल जा सकेंगे तथा लोगों के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी हो सकेगी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया।

धमधा के 30 तालाबों के सीमांकन की मांग की धर्मधाम गौरवगाथा समिति ने: जनदर्शन में धमधा के धर्मधाम गौरवगाथा समिति के सदस्य भी आये। उन्होंने कहा कि धमधा की पहचान छह कोरी छह आगर वाले अर्थात 126 तालाबों को लेकर थी। इनमें से कुछ तालाबों का सीमांकन कर कब्जा से मुक्त किया गया लेकिन अभी भी 30 तालाब ऐसे हैं जिनका सीमांकन किये जाने की जरूरत है ताकि सरोवर रूपी इन धरोहरों को सुरक्षित रखा जा सके और जल संरक्षण की दिशा में भी अच्छा काम हो सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तालाबों के संरक्षण जैसे पुण्य काम से जुड़ने पर समिति के सदस्यों को बधाई दी एवं इस संबंध में दुर्ग जिला प्रशासन को निर्देशित किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button