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मोतियाबिंद मुक्त जिला बना राजनांदगांव: मुख्यमंत्री ने मोतियाबिंद मुक्त जिला बनाने में अभूतपूर्व योगदान के लिए माँ बम्लेश्वरी ट्रस्ट डोंगरगढ़ को प्रशस्ति पत्र सौंपकर किया सम्मानित

राजनांदगांव। कलेक्टर डोमन सिंह के मार्गदर्शन में अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत छत्तीसगढ़ को मोतियाबिंद मुक्त राज्य बनाने के लक्ष्य को लेकर राजनांदगांव जिले में मिशन मोड पर गुणवत्ता एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नेत्र ऑपरेशन किए गए। जिसके परिणाम स्वरूप राजनांदगांव मोतियाबिंद मुक्त जिला घोषित हो गया है। कलेक्टर श्री सिंह ने जिले को अंधत्व से मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रूट लेबल के कर्मचारी, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता का भी विशेष सहयोग रहा। कलेक्टर ने राजनांदगांव को मोतियाबिंद मुक्त जिला बनने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई दी है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके बसोड़ ने बताया कि राजनांदगांव को मोतियाबिंद मुक्त जिला बनाने के लिए दोनों आंखों के 632 मोतियाबिंद मरीज एवं 3063 एक आंख के मोतियाबिंद मरीज चिन्हित कियेे गये। चिन्हित सभी 632 दोनों आंखों के मोतियाबिंद मरीज एवं 3063 एक आंख के मोतियाबिंद मरीज का अंधत्व को रोकने के लिए ऑपरेशन करना आवश्यक था।

दोनों आंखों के सभी मोतियाबिंद मरीजों का ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव, जिला चिकित्सालय राजनांदगांव, क्रिश्चन फेलोशीप राजनांदगांव एवं उदयाचल धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय राजनांदगांव के सहयोग से ऑपरेशन सम्पन्न कराया गया। जिले को मोतियाबिंद मुक्त करने के लिए अभियान के रूप में मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव द्वारा 300, उदयाचल धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय द्वारा 2136, क्रिश्चन फेलोशीप द्वारा 1058, माँ बम्लेश्वरी ट्रस्ट द्वारा 201 ऑपरेशन किया गया।

जिले को मोतियाबिंद मुक्त दृष्टिहीनता मुक्त जिला घोषित करने के लिए ग्रामवार दोनों आंखों से मोतियाबिंद मरीज नहीं होने का प्रमाण पत्र लिया गया। इसी तरह विकासखंड एवं जिले से प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद राजनांदगांव को मोतियाबिंद मुक्त जिला घोषित किया गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छुरिया विकासखंड में आयोजित कार्यक्रम में राजनांदगांव को मोतियाबिंद मुक्त जिला बनाने में अभूतपूर्व योगदान के लिए माँ बम्लेश्वरी ट्रस्ट डोंगरगढ़, उदयाचल धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय राजनांदगांव, क्रिश्चन फेलोशीप राजनांदगांव को प्रशस्ति पत्र सौंपकर सम्मानित  किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी भूमिका वर्मा ने बताया कि अंधत्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत जिले में 771 पूर्व माध्यमिक शाला में अध्ययनरत 74 हजार 834 बच्चों का नेत्र परीक्षण किया गया।

जिनमें से 2037 बच्चों में रिफ्रेक्टिव एरर पाया गया। जांच उपरांत इन सभी बच्चों को जिला अंधत्व निवारण समिति राजनांदगांव द्वारा नि:शुल्क चश्मा प्रदाय किया गया। साथ ही जिले में 40 वर्ष से अधिक उम्र के 2357 लोग जिन्हें नजदीक के पढऩे व लिखने में या बारीक काम करने में दिक्कत होती थी, उन्हें नजदीक का चश्मा उपलब्ध कराया गया।

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