खैर लकड़ी के अवैध परिवहन, तस्करी और फर्जी एनओसी/बिलिंग मामले में पुलिस की ओडिशा, हिमाचल प्रदेश एवं हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों में ताबड़तोड़ कार्यवाही…खैर लकड़ी संगठित सिंडिकेट के ऊपर ताबड़तोड़ कार्यवाही में 95 लाख रुपए और जप्त…
खैर लकड़ी के अवैध कारोबार की प्रतिस्पर्धा रंजिश में जानलेवा हमला करने के मामले (थाना सिंघोड़ा) में फरार मुख्य आरोपी संजय छापरिया को हरिद्वार (उत्तराखंड) से किया गया गिरफ्तार…
आरोपी संजय छापरिया से पूछताछ के आधार पर बरगढ़ (ओडिशा) स्थित उसके आवास से 45 लाख रुपये तथा सहयोगी (टैक्स कंसल्टेंट) के घर से 15 लाख रुपये (कुल 60 लाख रुपये) नकद जप्त…
हिमाचल प्रदेश में आरोपियों को अवैध खैर लकड़ी खपाने में सहायता करने वाले एक अन्य ठिकाने पर दबिश देकर 35 लाख रुपये नकद और किए गए जप्त (पूर्व में हिमाचल प्रदेश से जप्त किए गए थे 1 करोड़ 70 लाख रुपये)
महासमुंद पुलिस द्वारा अब तक आरोपी मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया एवं उनके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों से अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से अर्जित कुल 3,61,52,880/- रुपये (तीन करोड़ इकसठ लाख बावन हजार आठ सौ अस्सी रुपये) नकद जप्त किए जा चुके हैं…

महासमुंद। जिला पुलिस महासमुन्द द्वारा अवैध गतिविधियों, वनोपज के अवैध परिवहन एवं धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोहों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी तारतम्य में, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर खैर लकड़ी (23,350 किग्रा) के अवैध परिवहन हेतु प्रयुक्त एनटीपीएस (NTPS) एनओसी (NOC) में कूटरचना कर असल रूप में उपयोग करने और धोखाधड़ी के मामले में थाना पिथौरा में दिनांक 09.07.2026 को अपराध क्रमांक 172/2026 पंजीबद्ध किया गया है। यह प्रकरण धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111 बी.एन.एस. (BNS) व 25 आर्म्स एक्ट एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 42(1) सहपठित धारा 41(2)(ख)(ग)(घ), धारा 52(1) के तहत दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

प्रकरण के आरोपियों मनीष अग्रवाल, संजय छापारिया से संबंधित एक अन्य घटनाक्रम में, खैर लकड़ी के अवैध कारोबार के प्रतिस्पर्धा में सरायपाली निवासी एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के संबंध में थाना सिंघोड़ा जिला महासमुंद में दर्ज अपराध क्रमांक 87/2026 (धारा 109(1), 3(5), 189, 190, 351, 126, 127 BNS एवं 25 आर्म्स एक्ट) में फरार आरोपी संजय छापरिया को महासमुंद पुलिस की टीम द्वारा दिनांक 18.10.2026 को हरिद्वार (उत्तराखंड) से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। आरोपी को वैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत माननीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर महासमुंद लाया गया।


पुलिस अभिरक्षा में आरोपी संजय छापरिया से की गई पूछताछ एवं मेमोरेंडम कथन के आधार पर महासमुंद पुलिस टीम द्वारा ओडिशा के जिला बरगढ़ में दबिश दी गई। कार्यवाही के दौरान आरोपी संजय छापरिया के बरगढ़ स्थित आवास से अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से अर्जित 45,00,000/- रुपये (पैंतालीस लाख रुपये) नकद बरामद कर जप्त किए गए। इसके साथ ही, आरोपी संजय छापरिया द्वारा अपने सहयोगी एवं टैक्स कंसल्टेंट निवासी बरगढ़ के पास रखने हेतु दिए गए 15,00,000/- रुपये (पंद्रह लाख रुपये) को भी दिनांक 22.10.2026 को विधिवत जप्त किया गया।
इसके अतिरिक्त, विवेचना के दौरान महासमुंद पुलिस की टीम द्वारा हिमाचल प्रदेश में आरोपी मनीष अग्रवाल एवं संजय छापरिया को अवैध खैर लकड़ी को खपाने (व्ययन) में सहायता करने वाले विभिन्न ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई। पूर्व में हिमाचल प्रदेश के ठिकानों से तस्करी से अर्जित अवैध रकम 1,70,00,000/- रुपये (एक करोड़ सत्तर लाख रुपये) नकद बरामद कर जप्त किए गए थे। इसी तारतम्य में हिमाचल प्रदेश में ही एक अन्य स्थान पर दबिश देकर 35,00,000/- रुपये (पैंतीस लाख रुपये) नकद और बरामद कर विधिवत जप्त किए गए हैं।


इस प्रकार, महासमुंद पुलिस द्वारा अब तक इस प्रकरण में आरोपी मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया एवं उनके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों से अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से अर्जित कुल 3,61,52,880/- रुपये (तीन करोड़ इकसठ लाख बावन हजार आठ सौ अस्सी रुपये) की नकदी रकम जप्त की जा चुकी है।
उल्लेखनीय है कि महासमुंद पुलिस द्वारा आज दिनांक तक इस अंतरराज्यीय संगठित गिरोह के विभिन्न राज्यों—ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश स्थित ठिकानों में दबिश देकर कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी भी जप्त की जा चुकी है। इसके साथ ही, विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा कुल 09 वाहन जप्त किए गए हैं।
जप्त वाहनों के प्रकार के अनुसार प्रकरण में कुल 05 भारी मालवाहक वाहन (जिनमें 04 ट्रक एवं 01 डम्फर शामिल हैं), 03 कार (जिनमें 01 हुंडई क्रेटा कार, 01 महिंद्रा एक्सयूवी 500 एवं 01 डस्टर कार शामिल हैं) तथा 01 मालवाहक पिकअप वाहन जप्त किया गया है, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 01 करोड़ रुपये है।
मामले में जप्तशुदा अपराध से अर्जित अवैध नगदी रकम (3,61,52,880/- रुपये) की विधिवत कुर्की एवं आरोपियों को अपराध से अर्जित आर्थिक लाभों से वंचित करने हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। प्रकरण में महासमुंद पुलिस की कार्यवाही एवं विवेचना निरंतर जारी है।



