दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

आयुक्त अजय त्रिपाठी ने अवैध निर्माण नियमितीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने के दिए निर्देश, जानिए नियमितीकरण के फायदे?

भिलाई 3। भिलाई-चरौदा क्षेत्र में अवैध अनाधिकृत निर्माण को नियमित किये जाने पृथक से निगम के कर्मचारियों का एक दल का गठन किया गया है। महापौर निर्मल कोसरे एवं निगम आयुक्त अजय त्रिपाठी के निर्देशानुसार इस कार्य को साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा उच्चाधिकारियों द्वारा की जा रही है। अभी तक निगम कार्यालय को इस संबंध में कुल प्राप्त आवेदनो की संख्या 624 है। जिसमें से 337 प्रकरणों को जिला नियमितीकरण समिति को अनुशंसा सहित प्रेषित किया गया, जिनका निराकरण हो चुका है। स्वीकृत किये गये प्रकरणों पर अधिरोपित शस्ति राशि 1,08,08,606.00 रुपये है। शेष 287 प्रकरणों पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।

नियमितीकरण के फायदे :-

1) मकान/दुकान का नियमितीकरण कराये जाने पर वह मकान / दुकान (सभी सरकारी संस्थाओं द्वारा) वैध माना जायेगा।द
2) नियमितीकरण के बाद मकान/दुकान की वैल्यू बढ़ जाती है।
3) नियमितीकरण कराये जाने पश्चात् भवन/दुकान में अतिरिक्त विस्तार / निर्माण कार्य हेतु नगर पालिक निगम से अनुज्ञा प्राप्त किया जा सकेगा।
4) 1200 वर्ग फीट तक की भूमि कर नियमितीकरण निःशुल्क हो रहा है।
5) अवैध निर्माण पर होने वाले भविष्य की सभी वैधानिक कार्यवाही से मुक्ति मिलेगी। 750
6) बैंक आदि किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में निर्माण कार्य का मूल्यांकन कराया जा सकेगा।

नियमितीकरण के अंतर्गत कौन कौन से भवन आते है :-

1) 14 जुलाई 2022 से पूर्व निर्मित मकान / दुकान / आवासीय परिसर ।
2) आवेदक के स्वयं की भूमि में नगर निगम से बिना भवन अनुज्ञा के निर्मित मकान / दुकान।

3) नगर निगम से प्राप्त भवन अनुज्ञा में स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण किया गया हो।
4) नगर निगम से आवासीय उपयोग हेतु भवन अनुज्ञा लिया जाकर व्यावसायिक उपयोग हेतु दुकान / शापिंग माल/उद्योग हेतु भवन का आंशिका/पूर्ण निर्माण किया गया हो।

निर्माण कार्य नियमितीकरण हेतु क्या करना होगा :- नगर पालिक निगम में पंजीकृत वास्तुविद (आर्किटेक्ट) से संपर्क कर निर्मित भवन का मानचित्र तैयार किया जा कर भूमि संबंधित दस्तावेज/आधार कार्ड/बिजली बिल / भवन अनुज्ञा (यदि हो तो) की कॉपी, भवन का फोटोग्राफ एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज स्हित निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र नगर कार्यालय में जमा करना होगा।

निर्माण कार्य के नियमितीकरण नहीं कराये जाने पर क्या होगा :- मकान/दुकान / अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान जिनका नियमितीकरण नहीं कराया गया, वो अवैध नि की श्रेणी में आयेंगे। भविष्य में अवैध निर्माण को हटाने की नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

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