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क्या निर्मल कोसरे महापौर से विधायक बनने का परंपरा आगे बढ़ा पाएंगे? अगर बढ़ाते है तो जिले के चौथे व्यक्ति होंगे, डोमललाल कोरसेवाडा को टिकट मिलने से भाजपाई खुश

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2023 का बिगुल बज चुका है। राज्य की दो प्रमुख पार्टियां भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने अपने अपने उम्मीदवार भी घोषित कर दिए है। दोनो पार्टियां भी हुए कुछ सीटों पर प्रत्याशियों को घोषणा जल्द ही करने वाली है। राज्य में दो चरण में मतदान संपन्न होगा। 7 नवंबर को नक्सल प्रभावित इलाकों में उसके बाद 17 नवंबर को अन्य क्षेत्रों में मतदान होगा…

भिलाई। दुर्ग जिला के अन्तर्गत आने वाले छः विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव चर्चा का विषय बना हुआ है। विधानसभा पाटन, अहिवारा, भिलाई नगर, वैशाली नगर, दुर्ग शहर और दुर्ग ग्रामीण में दोनो प्रमुख पार्टियां अपने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। वैसे भी देखा जाए तो मुख्यमंत्री दुर्ग जिला से होने कारण 2018 से दुर्ग चर्चे में रहा है और अब चुनाव को लेकर चर्चे में है। सबसे हाई प्रोफाइल सीट पाटन की बात करे से प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल अपने सीट पाटन से मैदान में है तो वही उनके भतीजे व दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल उसके खिलाफ मैदान में है। चाचा भतीजे एक दूसरे को पटखनी देते रहे है। इस बार कौन किस पर भारी पड़ेगा ये 3 दिसंबर को पता चल जायेगा।

इस बार के चुनाव में अहिवारा विधानसभा भी बहुत चर्चे में है क्योंकि कांग्रेस ने इस बार भिलाई चरोदा के महापौर निर्मल कोसरे को मैदान में उतारा है तो वही भाजपा ने अपने पूर्व विधायक डोमनलाल कोसरेवाडा पर विश्वास जताते हुए उन्हे मौका दिया है। अहिवारा विधानसभा का चर्चे का एक विषय ये भी है की क्या महापौर निर्मल कोसरे दुर्ग जिला के इतिहास कहे या परंपरा कहे तो आगे बढ़ा पाएंगे?

दुर्ग जिला के इतिहास की बात करे तो यहां से महापौर रहते हुए तीन लोगो को विधायक का टिकट दिया गया और तीनो ने जीत हासिल कर छत्तीसगढ़ विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। अब निर्मल कोसरे चौथे व्यक्ति है जिन्हे ये मौका मिला है, हालाकि वो सीधा महापौर का चुनाव नही लड़े है, पार्षदों के संख्या और आरक्षित सीट के अनुसार महापौर बने है।

दुर्ग जिला में सबसे पहले भाजपा ने दुर्ग महापौर रहते हुए 2008 में परिसीमन में आए नए विधानसभा वैशाली नगर से डॉक्टर सरोज पांडेय को विधानसभा का टिकट दिया और वो जीतकर विधानसभा पहुंची थी। उसके बाद भाजपा ने भिलाई निगम महापौर स्व. विद्यारतण भसीन को वैशालीनगर विधानसभा का टिकट दिया और वो भी जीतकर विधानसभा पहुंचे फिर कांग्रेस ने भिलाई निगम महापौर देवेंद्र यादव को भिलाई नगर विधानसभा का टिकट दिया और वो भी जीत हासिल कर छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचे। अब ये चौथा मौका है निर्मल कोसरे के पास की वो इस इतिहास कहे या परंपरा को आगे बढ़ा पाते है की नही?

अहिवारा में कांटे की टक्कर की उम्मीद: इस बार अहिवारा विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर की उम्मीद है। इस बार दोनो ही पार्टियों के लिए जीत इतना आसान नहीं रहेगा। पिछले विधानसभा चुनाव में परिवर्तन की लहर के बीच अहिवारा से मौजूदा विधायक गुरु रुद्रकुमार ने भाजपा प्रत्याशी सांवलाराम डाहरे को 31687 के भारी अंतर से हरा दिया था लेकिन इस बार की परिस्थियां अलग है।

बागी बिगड़ सकते है खेल: इस बार अहिवारा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी के लिए आवेदन करने वाले प्रत्याशी दिल्ली तक दौड़ लगाए है और उनको टिकट नही मिल पाया है ऐसे में उनको मनाना और अपने साथ लेकर चलना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है, ऐसे में कही निर्मल कोसरे का विधायक बनने का सपना अधूरा न रह जाए। वही मौजूदा विधायक गुरु रुद्रकुमार द्वारा पिछले कई महीनों से क्षेत्र में ध्यान ना देना और क्षेत्र से दूरी बनाने के कारण भी क्षेत्र की जनता काफी नाराज है, कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल कोसरे को उनकी नारजगी भी दूर करना एक जटिल काम होगा।

वही भाजपा प्रत्याशी डोमन लाल कोरसेवाडा की बात की जाए तो वो इस विधानसभा से 2008 में चुनाव लडे थे और कांग्रेस प्रत्याशी ओनी महिलांग को हराया था। डीएल कोरसेवाड़ा को टिकट मिलने से अहिवारा विधानसभा के भाजपाई काफी खुश है और जीत का दावा कर रहे है। वही पूर्व भाजपा प्रत्याशी सांवलाराम डाहरे को एक गुट विशेष का प्रत्याशी माना जाता था, जिसके कारण भिलाई चरोदा के भाजपाई अलग अलग गुटो में बंटे हुए थे और कई भाजपाई पार्टी से निष्कासित भी थे, जिन्हे गत दिनों पार्टी में शामिल कर लिया गया है। वोटो की बात करे तो 2008 विधानसभा चुनाव में भाजपा को 57795 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस को 45144 वोट मिले। 2013 विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सांवलाराम डाहरे को 75337 वोट मिले थे तो वही कांग्रेस प्रत्याशी अशोक डोंगरे को 43661 वोट प्राप्त हुए थे। 2018 विधानसभा चुनाव की बात करे तो भाजपा प्रत्याशी सांवलाराम डाहरे को 57048 वोट मिले और कांग्रेस प्रत्याशी गुरु रूद्रकुमार को 88735 मत मिले थे। बाकी हार जीता का असली पता 3दिसंबर को ही पता चल पाएगा तब तक लोग कयास लगाए रखेंगे।

अहिवारा विधानसभा के मतदाता और मतदान केंद्र: अगर मतदाता और मतदान केंद्र की बात करे तो छत्तीसगढ़ निर्वाचन द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार अहिवारा विधानसभा में कुल 244255 मतदाता है, जिसमे 120943 पुरुष, 123301 महिला मतदाता है साथ ही 12 तृतीय लिंग मतदाता और 1398 दिव्यांग मतदाता है। विधानसभा क्रमांक 67 अहिवारा में कुल 259 मतदान केंद्र बनाए गए है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के अनुसार इस बार अहिवारा विधानसभा में 7185 नए मतदाता जुड़े है।

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