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मोदी कैबिनेट ने केंद्रीय कर्मचारियों का महगाई भत्ता 4% बढ़ाया, जूट पर बढ़ाई MSP, पीएम उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए भी किया ये एलान

केंद्र सरकार ने शुक्रवार 24 मार्च को कई बड़े और अहम फैसले लिए हैं. जिसके तहत किसानों और पीएम उज्जवला योजना के लाभार्थियों के हितों को ध्यान में रखा गया है…

नईदिल्ली (ए)। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए खुशखबरी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है. महंगाई भत्ते को 38 फीसदी से बढ़ाकर 42 फीसदी कर दिया गया है. मोदी सरकार के इस फैसले से एक करोड़ से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा होगा. हर वर्ष मार्च महीने में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में केंद्र सरकार बढ़ोतरी करती है जिससे उन्हें महंगाई से राहत दिलाई जा सके।

केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद एक करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए मंहगाई भत्ते (डीए) को मौजूदा 38 फीसदी से चार फीसदी  बढ़ाकर 42 फीसदी कर दिया गया है. कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते की गणना श्रम ब्यूरो द्वारा जारी किए जाने वाले औद्योगिकी श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्ल्यू) के आधार पर करती है।

केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनधारकों के महंगाई राहत में बढ़ोतरी का फैसला एक जनवरी 2023 से लागू माना जाएगा. यानि कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बढ़ोतरी के फैसले के बाद सरकार के खजाने पर 12,815.60 करोड़ रुपये सालाना का बोझ आएगा. इस फैसले का फायदा 47.58 लाख कर्मचारियों और 69.76 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा. ये बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग के सिफारिशों के आधार पर तय फॉर्मूले के बेसिस पर की गई है. केंद्र सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ता यानी डियरनेस एलाउंस और डियरनेस रिलीफ यानी महंगाई राहत की समीक्षा कर उसे बढ़ाती है।

महंगाई भत्ता बढ़ने से केंद्रीय कर्मचारियों की वेतन में बढ़ोतरी होगी. उदाहरण के लिए मान लिजिए अगर किसी केंद्रीय कर्मचारी का बेसिक सैलेरी 25500 रुपये है. 38 फीसदी डीए के हिसाब से अभी 9690 रुपये मिलता है. डीए अगर 42 फीसदी हो जाता है महंगाई भत्ता बढ़कर 10,710 रुपये हो जाएगा. यानि हर महीने 1020 रुपये वेतन बढ़ जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने कई बड़े फैसले लेते हुए किसानों और आम नागरिकों को तोहफा दिया है. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसको लेकर जानकारी देते हुए कहा है कि कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं. पहला निर्णय पीएम उज्ज्वला योजना को लेकर है. लाभार्थियों को प्रति सिलिंडर 200 रुपये की सब्सिडी और एक साल के लिए जारी रहेगी।

इसके अलावा, सरकार ने किसानों को तोहफा देते हुए विभिन्न कृषि उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित की है. वहीं, केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता भी बढ़ाया गया है. कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने कहा, “किसानों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार विभिन्न कृषि उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करती है.”

कैबिनेट फैसले से जुड़ी बडी बातें-

साल 2018 में पेश किए गए बजट के दौरान केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि एमएसपी किसानों की लागत मूल्य का कम से कम डेढ़ गुना होगा. सीसीईए ने साल 2023-24 में जूट के लिए 5,050 रुपये प्रति क्विंटल का एमएसपी निर्धारित किया है. ये लागत मूल्य से लगभग 63 प्रतिशत अधिक है. ये पिछले साल की तुलना में 300 रुपये प्रति क्विंटल यानि लगभग 6.3 प्रतिशत अधिक है।

पहले की तरह खरीद का काम जूट कोरपोरेशन ऑफ इंडिया (जेसीआई) करेगा. अगर खरीद में जेसीआई को कोई घाटा होता है तो उसकी भरपाई केंद्र सरकार करेगी।

इसके अलावा अनुराग ठाकुर ने उज्ज्वला योजना और केंद्रीय कर्मचारियों के डीए के बारे में कहा कि पीएम उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के तहत प्रति सिलिंडर 200 रुपये की सब्सिडी एक साल के लिए इस बार भी जारी रहेगी।

वहीं केंद्रीय कर्मचारियों का भत्ता भी बढ़ाया गया है. सरकार ने इसे 4 प्रतिशत बढ़ाया है. ये नई दर 1 जनवरी से लागू होगी. पहले ये डीए 38 प्रतिशत था जिसे बढ़ाकर 42 प्रतिशत कर दिया है।

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