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मोदी सरकार ने पाक पीएम शहबाज का यूट्यूब अकाउंट भारत में किया बंद, कई क्रिकेटर्स के इंस्टाग्राम भी ब्लॉक

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने उन कई पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया खातों को ब्लॉक करने का आदेश दिया है, जो भारत की संप्रभुता और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए भ्रामक सामग्री फैला रहे हैं…

 

नईदिल्ली (ए)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल को भारत में ब्लॉक कर दिया। चैनल पर अब यह संदेश दिख रहा है- ‘यह सामग्री राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े सरकारी आदेश के कारण इस देश में उपलब्ध नहीं है।’

शहबाज शरीफ का चैनल अब तक का सबसे हाई-प्रोफाइल खाता है, जिसे भारत सरकार ने ब्लॉक किया है। इससे पहले पाकिस्तान के वित्त मंत्री ख्वाजा आसिफ और सेना की मीडिया शाखा आईएसपीआर के खाते भी ब्लॉक किए जा चुके हैं। सरकार ने केवल राजनेताओं के खिलाफ ही नहीं, बल्कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और न्यूज चैनलों के खातों पर भी कार्रवाई की है।

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में 26 आम नागरिक मारे गए थे। जिनमें अधिकांश पर्यटक थे। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा। भारत सरकार ने पाकिस्तान की ओर से फैलाए जा रही अफवाहों और दुष्प्रचार पर नकेल कसने के लिए यह कदम उठाए हैं।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने उन कई पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया खातों को ब्लॉक करने का आदेश दिया है, जो भारत की संप्रभुता और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए भ्रामक सामग्री फैला रहे हैं।

जिनके खातों को ब्लॉक किया गया है, उनमें शामिल हैं-

  • पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब अख्तर
  • पत्रकार आरजू काजमी
  • टिप्पणीकार सैयद मुजम्मिल शाह
  • ओलंपियन अर्शद नदीम का इंस्टाग्राम अकाउंट
  • शाहिद अफरीदी का यूट्यूब चैनल

इसके अलावा, दुनिया मेरे आगे, गुलाम नबी मदनी, हकीकत टीवी और हकीकत टीवी 2.0 जैसे चैनल भी भारत में ब्लॉक कर दिए गए हैं। साथ ही, 30 अप्रैल को पाकिस्तानी अभिनेत्रियों हनिया आमिर और माहिरा खान के इंस्टाग्राम प्रोफाइल भी भारत में ब्लॉक कर दिए गए।

सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल कर यह कार्रवाई की है। इन चैनलों और खातों को पाकिस्तान से संचालित नेटवर्क का हिस्सा माना गया है, जो भारतीय सेना, कश्मीर और भारत की विदेश नीति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर झूठ और अफवाहें फैलाने का काम कर रहे थे।

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