खास खबरदेश-दुनियाफीचर्ड

वक्फ संशोधन बिल को लेकर JPC के पास पहुंचे एक करोड़ ई-मेल, समिति ने जांच के लिए मांगे अतिरिक्त कर्मी

केंद्र सरकार ने वक्फ कानून में बदलाव के लिए बीते संसद सत्र के दौरान वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया था। विपक्ष ने विधेयक का विरोध किया। विपक्ष के विरोध को देखते हुए सरकार ने विधेयक को जेपीसी के पास भेजा…

नईदिल्ली (ए)। वक्फ संशोधन विधेयक की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को 1.2 करोड़ ई-मेल मिले हैं। इन ई-मेल में बिल के समर्थन और विरोध में लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। इसके अलावा समिति को 75 हजार से अधिक ऐसी प्रतिक्रियाएं मिली हैं, जिसमें दस्तावेज संलग्न किए गए हैं। इन प्रतिक्रियाओं को छांटने और जांच के लिए संसदीय समिति ने लोकसभा सचिवालय से अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग की। इसके लिए 15 अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया है।

केंद्र सरकार ने वक्फ कानून में बदलाव के लिए बीते संसद सत्र के दौरान वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया था। हालांकि विपक्ष ने इस विधेयक का यह कहकर विरोध किया कि यह विधेयक मुस्लिमों के खिलाफ है। विपक्ष के विरोध को देखते हुए सरकार ने इस विधेयक को जेपीसी के पास भेजने का फैसला किया। इस जेपीसी की अध्यक्षता भाजपा सांसद जगदंबिका पाल कर रहे हैं।

जेपीसी में कई मुस्लिम सांसदों को भी जगह दी गई है ताकि पूरे विचार विमर्श के बाद कानून बनाया जा सके। संसदीय समिति ने बिल को लेकर आम जनता, गैर सरकारी संगठनों, विशेषज्ञों, हितधारकों और संस्थानों से लिखित सुझाव मांगे थे। समिति ने लोगों से अपनी टिप्पणियां संयुक्त सचिव, लोकसभा सचिवालय, कमरा नंबर 440, संसद भवन एनेक्सी, नई दिल्ली -110001 को भेजने या उन्हें jpcwaqf-lss@sansad.nic.in पर मेल करने के लिए कहा था।

इसके बाद इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक ने अपने समर्थकों से संसदीय समिति को प्रतिक्रिया भेजकर वक्फ (संशोधन) विधेयक का विरोध करने की अपील की। नाइक की अपील पर जवाबी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। वहीं कई हिंदू समूहों ने भी अपने समर्थकों से विधेयक के समर्थन में समिति को ईमेल लिखने का आग्रह किया है। इसे लेकर अब तक समिति के पास 1.2 करोड़ ई-मेल पहुंच चुके हैं।

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर विभिन्न हितधारकों के साथ अनौपचारिक चर्चा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य पांच राज्यों का दौरा करने वाले हैं। यह राष्ट्रव्यापी चर्चा 1 अक्तूबर तक चलेगी, जिसकी शुरुआत 26 सितंबर को महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से होगी। अगले पड़ाव में 27 सितंबर को अहमदाबाद में गुजरात सरकार, गुजरात वक्फ बोर्ड और अन्य प्रमुख हितधारकों के प्रतिनिधियों से बातचीत होगी।

इसके बाद समिति के सदस्य 28 सितंबर को आंध्र प्रदेश, 29 सितंबर को तमिलनाडु और एक अक्तूबर को कर्नाटक में विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श करने पहुंचेंगे। हैदराबाद में होने वाली चर्चा में आंध्र और तेलंगाना के अलावा छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button