खास खबरदेश-दुनियाफीचर्ड

जानिए रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का क्या होगा शेड्यूल? 10 हजार CCTV कैमरे, अयोध्या में सिविल ड्रेस में भी पुलिसकर्मी हुए तैनात

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम ने भी शनिवार को अयोध्या में गश्त की थी. शहर के लगभग हर प्रमुख चौराहे पर कंटीले तारों के साथ चलते-फिरते अवरोधक देखे जा सकते हैं…

अयोध्या (ए)। अयोध्या में राम मंदिर में 22 जनवरी को होने वाली रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए तमाम श्रद्धालु पलकें बिछाए बैठे हैं. सोमवार (22 जनवरी) को राम मंदिर के गर्भगृह में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 12:15 बजे से 12:45 के बीच होने की उम्मीद है. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए शुभ मुहूर्त 84 सेकेंड का है, जो 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से शुरू होकर 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक रहेगा।

23 जनवरी से श्रद्धालुओं के लिए मंदिर दर्शन का समय सुबह 7 बजे 11:30 बजे तक और फिर दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक रहेगा. राम मंदिर में सुबह की आरती 6:30 बजे होगी, जिसे श्रृंगार या जागरण आरती कहा जा रहा है. इसके बाद दोपहर में भोग आरती और शाम 7:30 बजे संध्या आरती होगी. आरती में शामिल होने के लिए पास की आवश्यकता होगी।

22 जनवरी को पूजन इस क्रम में होगा सबसे पहले नित्य पूजन हवन पारायण, फिर देवप्रबोधन, उसके बाद प्रतिष्ठापूर्वकृत्य, फिर देवप्राण प्रतिष्ठा, महापूजा, आरती, प्रासादोत्सर्ग, उत्तरांगकर्म, पूर्णाहुति, आचार्य को गोदान, कर्मेश्वरार्पणम, ब्राह्मणभोजन, प्रैषात्मक पुण्याहवाचन, ब्राह्मण दक्षिणा दानादि संकल्प, आशीर्वाद और फिर कर्मसमाप्ति होगी।

10 बजे से होगा मंगल ध्वनि का भव्य वादन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनुसार, भक्ति भाव से विभोर अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर होने वाली प्राण प्रतिष्ठा समारोह में प्रातःकाल 10 बजे से ‘मंगल ध्वनि’ का भव्य वादन होगा. 50 से ज्यादा मनोरम वाद्ययंत्र, विभिन्न राज्यों से लगभग 2 घंटे तक इस शुभ अवसर का साक्षी बनेंगे. अयोध्या के यतीन्द्र मिश्र इस भव्य मंगल वादन के परिकल्पनाकार और संयोजक हैं, जिसमें केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली ने सहयोग किया है। ट्रस्ट ने कहा है कि यह भव्य संगीत कार्यक्रम हर भारतीय के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर का प्रतीक है, जो प्रभु श्री राम के सम्मान में विविध परंपराओं को एकजुट करता है।

परिसर में प्रवेश करने के लिए गुजरना होगा इस प्रक्रिया से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनुसार, भगवान रामलला सरकार के प्राण प्रतिष्ठा उत्सव में प्रवेश केवल श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से जारी की गई प्रवेशिका के माध्यम ही संभव है. केवल निमंत्रण पत्र से आगंतुकों को प्रवेश सुनिश्चित नहीं हो पाएगा. प्रवेशिका पर बने QR Code के मिलान के पश्चात ही परिसर में प्रवेश संभव हो पाएगा।

पीएम मोदी होंगी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल प्रधानमंत्री और कई अन्य गणमान्य अतिथि 22 जनवरी को मंदिर में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह में शामिल होंगे. प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पीएम मोदी 11 दिनों के लिए यम-नियमों का पालन कर रहे थे और देश के दक्षिणी हिस्सों में रामायण से संबंधित मंदिरों की आध्यात्मिक यात्रा पर थे, जो रविवार को अरिचल मुनाई के पास राम मंदिर में पूजा करके पूरी हो गई।

पीएम मोदी अपनी विशेष धार्मिक परंपरा के तहत फर्श पर कंबल के ऊपर सो रहे हैं और केवल नारियल पानी पी रहे हैं. वह गौपूजा कर रहे हैं और गौसेवा कर रहे हैं. इसके अलावा वह अन्नदान सहित अन्य चीजें भी दान कर रहे हैं. शास्त्रों के अनुसार वह वस्त्र भी दान कर रहे हैं. हाल में पीएम मोदी ने मंदिरों को साफ करने की पहल भी शुरू की थी और नासिक में श्री कालाराम मंदिर के परिसर की सफाई की थी।

प्रवेश और निकास कहां से होगा? मंदिर न्यास के महासचिव चंपत राय ने संवाददाताओं से कहा था कि मंदिर में प्रवेश पूर्व दिशा से और निकास दक्षिण दिशा से होगा और संपूर्ण मंदिर अधिरचना तीन मंजिला होगी. मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए पर्यटक पूर्वी दिशा से 32 सीढ़ियां चढ़ेंगे. पारंपरिक नागर शैली में निर्मित मंदिर परिसर 380 फीट लंबा (पूर्व-पश्चिम दिशा), 250 फीट चौड़ा और 161 फीट ऊंचा होगा।

इसरो ने सैटेलाइट से ली तस्वीर इसरो के हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र ने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की उपग्रह से ली गई तस्वीर जारी की है. इसरो ने अंतरिक्ष में मौजूद भारतीय सुदूर संवेदी उपग्रह से ली गई तस्वीर रविवार को साझा की, जिसमें अयोध्या में बन रहा भव्य मंदिर दिखाई दे रहा है. पिछले साल 16 दिसंबर को ली गई तस्वीर में दशरथ महल, अयोध्या रेलवे स्टेशन और पवित्र सरयू नदी भी दिखाई दे रही है।

प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसमें 10,000 सीसीटीवी कैमरे लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी निगरानी के लिए तैनात किये गये हैं. अयोध्या में धर्मपथ और रामपथ से लेकर, जहां भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है, वहीं हनुमानगढ़ी इलाके की गलियों और अशर्फी भवन रोड तक, पुलिसकर्मियों को सड़कों पर गश्त करते देखा जा सकता है।

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम ने भी शनिवार को अयोध्या में गश्त की थी. शहर के लगभग हर प्रमुख चौराहे पर कंटीले तारों के साथ चलते-फिरते अवरोधक देखे जा सकते हैं, क्योंकि पुलिसकर्मी उनका उपयोग विशेष रूप से अति विशिष्ट जनों के आने-जाने के दौरान यातायात को नियंत्रित करने के लिए करते हैं. उप्र के पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने हाल में कहा था कि ”22 जनवरी को होने वाला ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह एक ऐतिहासिक कार्यक्रम होने जा रहा है. इसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने संपूर्ण क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और इसके साथ ही हर सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।”

अयोध्या में कार्यक्रम स्थल पर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. कुमार ने कहा, ‘इसके लिए पूरे अयोध्या जिले में 10,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इनमें से कुछ सीसीटीवी कैमरों में हम एआई-आधारित तकनीक का उपयोग कर रहे हैं ताकि हम यात्रियों पर कड़ी निगरानी रख सकें.’ कार्यक्रम स्थल पर सादे लिबास में बहुभाषी दक्ष पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों की मदद से सरयू नदी के किनारे भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

उन्होंने कहा, ‘हम अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमा पर जांच चल रही है. पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने और अतिरिक्त भीड़ को हटाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करेगी.’  इसके पहले अयोध्या में ड्रोन की तैनाती के बारे में विस्तार से बताते हुए सुरक्षा मुख्यालय के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव बंसवाल ने बताया था कि वहां एक एंटी-ड्रोन प्रणाली स्थापित की जा रही है . उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य आसपास उड़ने वाले किसी भी अनधिकृत ड्रोन का पता लगाना है, जो तुरंत इसके टेक-ऑफ और गंतव्य बिंदु को बताएगा।

एसपी ने कहा, ‘इसकी खासियत यह है कि यह किसी भी ड्रोन को आसानी से अपने नियंत्रण में ले सकता है, जिससे इसका रिमोट रखने वाले व्यक्ति का इस पर कोई नियंत्रण नहीं रह जाएगा. यह (अवांछित ड्रोन) तब हमारे नियंत्रण में होगा और हम इसे जहां चाहें वहां उतार सकते हैं।’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button