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रेलवे ट्रैक पर अवरोध उत्पन्न करने की घटना का आरोपी गिरफ्तार, ऐसे अपराध में 5 वर्ष की सजा का प्रावधान

रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, आम जनता से अपील है कि रेलवे ट्रैक पर अवरोध उत्पन्न न करें। इस तरह की हरकत न केवल यात्रियों की जान को खतरे में डालती है…

 

बिलासपुर। दिनांक 28.12.2024 को लगभग रात्रि 22.29 बजे, 20807 विशाखापत्तनम-अमृतसर हिराकुंड एक्सप्रेस के लोको पायलट द्वारा खोडरी और भनवारटंक स्टेशनों के बीच (अप टनल के अंदर) पर रेलवे ट्रैक पर अवरोध की सूचना दी गई। इस घटना में टनल के नाली का स्लैब रेल लाइन पर रखे जाने की पुष्टि हुई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे की टीम द्वारा घटना की जगह पर पहुँच कर ट्रेक का निरीक्षण कर यातायात बहाली के लिए यथोचित कदम उठाते हुए ट्रेक को फिट दिया गया।

इस घटना की जाँच करते हुए रेल्वे सुरक्षा बल द्वारा एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है तथा उस पर रेलवे सुरक्षा बल द्वारा अपराध क्रमांक 1551/2024 के तहत रेलवे अधिनियम की धारा 153 और 174(c) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। ऐसे अपराधों में 5 वर्ष की सजा का प्रावधान है।

रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। आम जनता से अपील है कि रेलवे ट्रैक पर अवरोध उत्पन्न न करें। इस तरह की हरकत न केवल यात्रियों की जान को खतरे में डालती है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का कारण भी बनती है, जिसके कारण उनके परिवारजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है । किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी रेलवे स्टेशन या रेलवे सुरक्षा बल को दें।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा ऑटो सिग्नलिंग के क्षेत्र में कीर्तिमान: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सिग्नल एण्ड टेलीकॉम विभाग ने ऑटोमेटिक सिग्नलिंग के क्षेत्र में लगातार तीसरे वर्ष 100 किलोमीटर से अधिक ऑटोमैटिक सिग्नलिंग कमीशनिंग कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर एस. के. सोलंकी के नेतृत्व में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने सरोना-रायपुर दोहरी लाइन खंड में 6 किलोमीटर अतिरिक्त ऑटोमेटिक सिग्नलिंग स्थापित की। इसमें 3 स्वचालित सिग्नल अप लाइन में और 3 डाउन लाइन में लगाए गए हैं।

यह स्वचालित सिग्नलिंग इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग आधारित है। इस प्रक्रिया के तहत रायपुर स्टेशन के इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और पैनल इंटरलॉकिंग में आवश्यक बदलाव किए गए।

सटीकता के लिए मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर के 36 डिटेक्शन पॉइंट्स और स्वचालित सिग्नलों की निगरानी के लिए ऑटो और स्टैंडबाय वीडीयू भी लगाए गए।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने लगातार तीसरे वर्ष 100 किलोमीटर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग कमीशनिंग का कीर्तिमान पार किया है, जो रेलवे के प्रगतिशील और आधुनिक तकनीकी उपायों का उत्कृष्ट उदाहरण है।

प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर ने इस उपलब्धि पर अपनी टीम को बधाई दी और इसे यात्रियों के लिए अधिक संरक्षित और कुशल रेल परिचालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

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