दुर्ग-भिलाई

विभिन्न जिला और राज्यो के पुलिस संगठनों के बीच समन्वय का अनूठा उदारहण: केंद्रीय पुलिस संगठन ने भी किया भरपूर सहयोग, वाराणसी डिवीजन के आरपीएफ का रहा सबसे विशेष योगदान

आरोपियों के आने वाले रूट और 02 आरोपियों के घर पता के अनुसार बिहार एवं उत्तर प्रदेश के 06 जिलों की पुलिस थी अलर्ट पर: बनारस, प्रयागराज, कैमूर सासाराम और गया की पुलिस ने टोल एवं अन्य जगहों पर जारी किया था अलर्ट, बनारस के लोकेशन आने के बाद एसीपी शिवा सिंह के नेतृत्व में बनारस पुलिस ने दुर्ग पुलिस के साथ घंटों तक किया था आरोपियों की खोज…

दुर्ग। दिनांक 20.10.2022 को तिरंगा चौक बजरंग काम्प्लेक्स ग्राम अमलेश्वर मेन रोड में स्थित समृध्दि ज्वेलर्स व्यापारी सुरेन्द्र सोनी को दो अज्ञात व्यक्तियों ने लूट करने के इरादे से अपने पास रखे देशी कट्टा एवं पिस्तौल से गोली मारकर प्राण घातक हमला किया एवं फरार हो गये। घटना के तुरंत बाद अम्लेश्वर थाना प्रभारी घटना स्थल उपस्थित होकर घटना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। उक्त सनसनीखेज घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुये पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग बद्रीनारायण मीणा (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव (भा.पु.से.) के द्वारा स्वयं घटना स्थल उपस्थित होकर घटना स्थल का अवलोकन किया गया, हत्या एवं लूट की घटना में संलिप्त अज्ञात आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं पतासाजी करने हेतु आवश्यक निर्देश दिये गये,
जिसके परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) संजय ध्रुव ( रा. पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनन्त साहू, नगर पुलिस अधीक्षक (भिलाई नगर) निखिल रखेचा (भा. पु.से.), नगर पुलिस अधीक्षक, (दुर्ग ) वैभव बैंकर (भा.पु.से.), नगर पुलिस अधीक्षक, (छावनी ) प्रभात कुमार
(भा.पु.से.), पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (पाटन) देवांश राठौर एवं उप पुलिस अधीक्षक (अपराध) अमलेश्वर निरीक्षक राजेन्द्र यादव के नेतृत्व में एण्टी क्राईम एवं सायबर यूनिट एवं दुर्ग पुलिस के विभिन्न थानों में पदस्थ चुनिंदा अधिकारी एवं कर्मचारियों की विशेष टीम गठित कर कार्यवाही हेतु लगाया गया।

घटना के तुरंत बाद रायपुर पुलिस ने घटना के बाद सीसीटीव्ही फूटेज में दिखें एक आरोपी पर की संका जाहिर करते हुए दुर्ग पुलिस उपलब्ध कराया। विभिन्न जिलों के पुलिस एवं राज्यों के पुलिस संगठनों के बीच समन्वय का अनुठा उदाहरण देखने को मिला। घटना के बाद घटना स्थल के आसपास प्राप्त सीसीटीव्ही फूटेज को राज्य में पर जारी किया गया। जिससे उनके मध्य समन्वय स्थापित कर आरोपियों से संबंधित जानकारियां एकत्रित किया गया। दूसरे राज्यों की पुलिस एवं अन्य पुलिस सगठनों का भी रहा विशेष योगदान। दुर्ग पुलिस द्वारा घटना के तुरंत बाद दुर्ग रायपुर व बिलासपुर के आरपीएफ इस्पेक्टर से संपर्क स्थापित कर आरोपियों के भागने हेतु रेल यात्रा का उपयोग करने की स्थिति होने से इन स्टेशनों पर
लगायी थी टीम। घटना के तुरंत बाद आरोपियों के भागने वाले संभावित मार्गो पर घटना में प्रयुक्त वाहन क्रमांक JH12N2701 बाईक को सीसीटीव्ही फूटेज से पता चला जिन्हें आरोपी कुछ दूरी पर छोडकर फरार हो गये जिसे दुर्ग पुलिस द्वारा जप्त किया गया एवं जप्त होते ही झारखण्ड पुलिस से संपर्क स्थापित किया गया।

गाड़ी जप्त होने के 20 मिनट के अंदर झारखण्ड के कोडरमा पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने की एक आरोपी की पहचान करते हुए उसके नाम पता एवं मोबाईल नम्बर से दुर्ग पुलिस को अवगत कराया, जिससे आरोपियों के पहचान सुनिश्चित हुयी।
सीसीटीव्ही फूटेज में मोटर सायकल के आगे एक HONDA CITY कार क्रमांक DL4CAH2592 जाते हुए दिखायी दे रही थी, जिससे यह अनुमान लगाया गया कि आरोपियों द्वारा
मोटर सायकल क्रमांक JH12N2701 छोड़कर HONDA CITY कार क्रमांक DL4CAH2592 से भागे है। आरोपियों के आने वाले रूट और 02 आरोपियों के घर पता के अनुसार बिहार एवं उत्तर प्रदेश के 06 जिलों में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया।

बनारस, प्रयागराज, कैमूर, सासाराम और गया की पुलिस ने टोल एवं अन्य जगहों पर अलर्ट जारी किया था, यूपी के अधिकारी शिवा सिंह, चिराग जैन और बिहार के अधिकारी के राम दास और स्वीटी शरावस्वत ने अपराधियों को पकड़ने में विशेष रूचि दिखाई थी। आरोपियों का लोकेशन बनारस आने के बाद बनारस पुलिस ने दुर्ग पुलिस के साथ मिलकर घंटों तक आरोपियों की खोजबीन में सहयोग प्रदान किया। सिर्फ राज्यों के पुलिस संगठन ही नहीं केन्द्रीय पुलिस संगठनों ने भी किया भरपूर सहयोग। उत्तर पूर्वीय जोन के बनारस डिवीजन के आर. पी. एफ का रहा सबसे विशेष योगदान। आरपीएफ कमांडेट
अभिषेक के आदेश पर निरीक्षक अंजु लता द्विवेदी और उनकी 08 सदस्यीय टीम बनारस के स्टेशन पर घंटो गस्त करते रहे।

आरपीएफ के कांस्टेबल रमेश यादव ने सबसे पहले कार को देखा और दुर्ग टीम की पुलिस को सूचित किया। साथ ही रमेश ने अपराधियों की गाड़ी को रोकने के लिए 20 मिनिट तक यातायात को बाधित किया। इस कारण दुर्ग पुलिस की टीम को मौके पर पहुंचने का समय मिला और पुरी सावधानी के साथ भीड़भाड़ को ऐसे अपराधियों को पकड़ने का अवसर मिला जिसके पास दो पिस्तौल थी। इन सभी राज्यों, संगठनों एवं अधिकारियों के बीच समन्वय की बागड़ोंर स्वयं दुर्ग पुलिस
अधीक्षक अभिषेक पल्लव ( भापुसे) एवं उनके साथ नगर पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार कर रहे थे। आरोपियों को पतासाजी एवं गिरफ्तारी में उक्त संगठनों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के योगदान के लिए दुर्ग पुलिस आभार व्यक्त करती है।

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