दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

शकुंतला विद्यालय में “फाउंडेशनल लिटरेसी एण्ड न्यूमेरेसी” विषय पर कार्यशाला का हुआ आयोजन

प्रायोगिक ज्ञान का सतत् प्रयास और अनुभव आधारित अधिगम को शिक्षण में स्थान देने हेतु शकुन्तला विद्यालय के ऑडिटोरियम में शकुन्तला ग्रुप ऑफ स्कूल्स द्वारा संचालित शारदा विद्यालय रिसाली सेक्टर, शकुन्तला विद्यालय रामनगर, शारदा विद्यालय वैशाली नगर, भिलाई स्कूल के शिक्षक शामिल हुये। सुनील मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें द्रोण साहू और आर.के. जलतारे (विकासखण्ड नवागढ़, जिला जांजगीर, राज्य स्त्रोत समूह तथा नवाजतन, छ.ग.) के सहयोग भूमिका से कार्यशाला प्रभावशाली बनी।

श्री मिश्रा ने शाला शिक्षण के कक्षा स्तरीय विकास के लिए अपनाई जाने वाली कई युक्तियॉं साझा की- दिमाग को सक्रिय कर देने वाली चुनौतियॉं देना, रूचिता व प्रतिस्पर्द्धा के साथ लक्ष्य तक पहुॅचना, कार्य में विशेष की भावना जगाना, श्रेष्ठ प्राप्ति की होड़ में मानसिकता पर बल देना, पीयर एण्ड गु्रप लर्निग का सहयोग लेना, छात्रों के जिज्ञासु रवैये को सम्मान देना आदि प्रक्रिया को शिक्षण में शामिल करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा विषय पाठ को पढ़ाए नहीं बल्कि छात्रों में स्वयं से सीखने की भावना जगाए। उनके भीतर की क्रियात्मकता व सृजनात्मकता का स्वरूप विकसित कराये । ‘रटन पद्धति’ से हटकर स्वयं से और अधिक सीखने के लिए प्रेरित करने वाली ज्ञान चुनौती दें । ‘जॉनहार्ड की पुस्तक का आधार लेकर 21वी सदी के लिए योग्य नागरिक तैयार करने की शिक्षण रणनीति बताई । छोटे-छोटे कदम (बदलाव), बड़ी-बड़ी उपलब्धियॉं, पहले इस्तेमाल करें फिर विश्वास करें, छात्रों में विश्वास जगाए कि ‘हम है न’ आदि सूक्तियों से कार्यशाला में रंग भरा । आभार प्रदर्शन व मंच संचालन की भूमिका रमीन्दर कौर ने की।

इस अवसर पर शकुन्तला ग्रुप ऑफ स्कूल्स के डायरेक्टर संजय ओझा, प्राचार्य विपिन कुमार (शकुन्तला विद्यालय), मैनेजर ममता ओझा (शारदा विद्यालय रिसाली सेक्टर), व्ही दुबे, अभय दुबे, प्राचार्य सुतापा सरकार (शारदा विद्यालय रिसाली सेक्टर), आरती मेहरा, उपप्राचार्य जी. रंजना कुमार, अनिता नायर, हेडमिस्टेªस पुष्पा सिंह, सुनीता सक्सेना, सीनियर मिस्टेªस रेन्जिनी एम. आर., बलजीत कौर एंव सीनियर एक्टिविटी इंचार्ज पूजा बब्बर, प्रभारी अनामिका राय, रिंकु कुदेशिया, राजेश वर्मा, प्रतीक ओझा, वनिता ओझा एवं शिक्षक – शिक्षिकायें इस कार्यशाला में शामिल हुए।

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