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शराब नीति पर गृह मंत्रालय का बड़ा ऐक्शन: तत्कालीन आबकारी आयुक्त और उपायुक्त को किया सस्पेंड

दिल्ली शराब नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार देर शाम बड़ा ऐक्शन लेते हुए तत्कालीन आबकारी आयुक्त आरव गोपी कृष्णा और उपायुक्त आनंद तिवारी सस्पेंड कर दिया है…

नईदिल्ली (ए)। दिल्ली शराब नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार देर शाम बड़ा ऐक्शन लेते हुए तत्कालीन आबकारी आयुक्त आरव गोपी कृष्णा और उपायुक्त आनंद तिवारी सस्पेंड कर दिया है। दिल्ली उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के संबंध में आबकारी विभाग के 11 अधिकारियों के खिलाफ “गंभीर चूक” के लिए निलंबन और अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने के कुछ दिनों बाद सोमवार को गृह मंत्रालय ने तत्कालीन आबकारी आयुक्त अरवा गोपी कृष्णा और उपायुक्त आनंद तिवारी को निलंबित कर दिया है।

बता दें कि, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों की सीबीआई जांच की सिफारिश करने के बाद दिल्ली सरकार द्वारा इस साल जुलाई में नीति को वापस ले लिया गया था।

सीबीआई की एफआईआर में मनीष सिसोदिया समेत 15 के नाम इस मामले में 17 अगस्त को सीबीआई द्वारा दिल्ली के आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। सीबीआई ने एफआईआर में आपराधिक साजिश से संबंधित आईपीसी की धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों को जोड़ा है। एफआईआर में आरव कृष्णा, पूर्व उप आबकारी आयुक्त आनंद तिवारी और सहायक आबकारी आयुक्त पंकज भटनागर, नौ व्यवसायी और दो कंपनियों सहित लोक सेवकों के नाम भी शामिल हैं।

इस संबंध में सीबीआई ने बीते शुक्रवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आईएएस अधिकारी और पूर्व आबकारी आयुक्त आरव गोपी कृष्णा के आवास सहित 31 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी। सिसोदिया के घर करीब 15 घंटे तक चली छापेमारी के दौरान एजेंसी जब्त किए गए दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

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