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राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू आज लालकृष्ण आडवाणी, जननायक कर्पूरी ठाकुर सहित इन पांच विभूतियों को भारत रत्न सम्मान से करेंगी सम्मानित

पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर को आज भारत रत्न दिया जाएगा। रामनाथ ठाकुर अपने पिता के सम्मान को राष्ट्रपति के हाथों ग्रहण करेंगे। सम्मान समारोह में सीएम नीतीश कुमार भी शामिल होंगे…

नईदिल्ली (ए)। राष्ट्रपति भवन में आज भारत रत्न समारोह का आयोजन होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की पांच विभूतियों को भारत रत्न सम्मान से सम्मानित करेंगी। पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी को छोड़कर अन्य चार विभूतियों (पूर्व पीएम चौघरी चरण सिंह, नरसिम्हा राव, पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर और कृषि वैज्ञानिक डॉ.एमएस स्वामीनाथन) को मरणोपरांत भारत रत्न सम्मान से नवाजा जाएगा। मेडल और प्रशस्ति पत्र इससे सम्मानित विभूतियों के परिवारजनों को सौंपा जाएगा। बिहार के लिए भी आज ऐतिहासिक पल है।

पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर को आज भारत रत्न दिया जाएगा। रामनाथ ठाकुर अपने पिता के सम्मान को राष्ट्रपति के हाथों ग्रहण करेंगे। इस सम्मान समारोह में सीएम नीतीश कुमार भी शामिल होंगे। 23 जनवरी को मरणोपरांत भारत रत्न दिए जाने की घोषणा की थी। 24 जनवरी को उनकी 100वीं जयंती थी।

स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पूर्व पीएम नरसिंह राव, उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, बिहार के पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर व कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को आज देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाजा जाएगा। केंद्र ने 2024 के लिए इन पांच विभूतियों को चुना है।

गौरतलब है, 2020 से 2023 तक किसी को भी भारत रत्न नहीं दिया गया था। राष्ट्रपति भवन में होने वाले समारोह में इन विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी को छोड़कर अन्य चार विभूतियों (पूर्व पीएम चौघरी चरण सिंह, नरसिम्हा राव, पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर और कृषि वैज्ञानिक डॉ.एमएस स्वामीनाथन) को मरणोपरांत भारत रत्न सम्मान से नवाजा जाएगा। सम्मान समारोह के मद्देनजर शनिवार को राष्ट्रपति भवन में चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी नहीं होगी।

चौधरी चरण सिंह का जन्म 1902 में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के नूरपुर में एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने 1923 में विज्ञान से स्नातक की एवं 1925 में आगरा विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। कानून में प्रशिक्षित चरण ने गाजियाबाद से अपने पेशे की शुरुआत की। वे 1929 में मेरठ आ गये और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और देश के सातवें उप-प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी का जन्म पाकिस्तान के कराची में 8 नवंबर, 1927 को एक हिंदू सिंधी परिवार में हुआ था। आडवाणी 2002 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भारत के सातवें उप प्रधानमंत्री का पद संभाल चुके हैं।

इससे पहले वह 1998 से 2004 के बीच भाजपा के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) में गृहमंत्री रह चुके हैं। वह उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी थी। 10वीं और 14वीं लोकसभा के दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता की भूमिका बखूबी निभाई है।  उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जरिए अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। 2015 नें उन्हें भारत के दूसरे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

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