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स्कूल से घर लौटते समय अचानक चार नालाबिग लड़कियां हुई लापता: पुलिस ने 8 में किया सकुशल बरामद, एसपी ने दी बधाई

एसपी ने कहा- “यह सिर्फ एक रेस्क्यू नहीं, बल्कि समाज के विश्वास की रक्षा है। पुलिसिंग सिर्फ कानून-व्यवस्था नहीं, मानवता की सेवा भी है।” ‘ऑपरेशन मुस्कान’ ने चार मासूम चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटाई और समाज के हर उस माता-पिता को भरोसा दिया, जो अपने बच्चों की सुरक्षा में पुलिस को सबसे बड़ा सहारा मानते हैं…

 

 

मुंगेली। ग्राम पेतूलकपा की चार नाबालिक छात्राएं जो गुरुवार, 4 जुलाई को स्कूल से घर लौटते समय अचानक लापता हो गई थीं, उन्हें मुंगेली पुलिस ने महज आठ घंटे में सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। यह कार्यवाही ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत अंजाम दी गई, जो जिले में त्वरित और प्रभावी पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई है।

बिलासपुर बस स्टैंड से मिली सफलता: जैसे ही बालिकाओं की गुमशुदगी की सूचना मिली, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन किया गया।

टीम ने बिना समय गंवाए सरगांव, पथरिया, बिलासपुर और रायपुर हाइवे तक विस्तृत सर्च अभियान चलाया। इसी दौरान बिलासपुर बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में तैनात टीमों ने विशेष सतर्कता बरतते हुए चारों बालिकाओं को सुरक्षित ढूंढ निकाला।

साइबर सेल की तकनीकी दक्षता ने निभाई अहम भूमिका: इस ऑपरेशन में साइबर सेल प्रभारी श्री सुशील बंछोर और उनकी टीम की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।
टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी जैसे संसाधनों का कुशलता से उपयोग कर संभावित स्थानों का दायरा सीमित किया, जिससे बच्चियों को ट्रेस करना संभव हुआ।

थाना बल रहा मुस्तैद, रातभर चला सर्च ऑपरेशन: रेस्क्यू अभियान में थाना पथरिया और थाना सरगांव की टीमों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस बल ने पूरे अभियान को मानवीय संवेदना और सतर्कता के साथ अंजाम दिया।
बालिकाओं के सकुशल मिलने की खबर परिजनों तक पहुंचते ही माहौल भावुक हो गया। परिवारों की आंखों में आंसू थे – राहत और आभार के।

पुलिस अधीक्षक ने दी टीम को बधाई: पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने ऑपरेशन में शामिल समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा- “यह सिर्फ एक रेस्क्यू नहीं, बल्कि समाज के विश्वास की रक्षा है। पुलिसिंग सिर्फ कानून-व्यवस्था नहीं, मानवता की सेवा भी है।”

‘ऑपरेशन मुस्कान’ ने चार मासूम चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटाई और समाज के हर उस माता-पिता को भरोसा दिया, जो अपने बच्चों की सुरक्षा में पुलिस को सबसे बड़ा सहारा मानते हैं।

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