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क्राइम डीएसपी का कटा हाथ: पुलिस और उपद्रवियों के बीच हुई तीखी झड़प, लाठी चार्ज के बाद हाईवे से हटे प्रदर्शनकारी

हाईवे पर लगा जाम आखिरकार सात घंटे बाद लाठीचार्ज के बाद खुल गया। एसपी ने बताया कि लगाए गए जाम को खुलवाने पहुंची पुलिस टीम पर उपद्रवियों ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। भीड़ में शामिल शरारती तत्वों ने धारदार हथियारों से हमला बोल दिया, जिसमें एक डीएसपी क्राइम वीरेंदर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका हाथ बुरी तरह कट गया…

 

 

अंबाला (ए)। सात अगस्त को ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में खालिस्तान विरोधी सिख नेता गुरसिमरन सिंह मंड को पीटने के मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी के बाद विवाद बढ़ गया है। सिख समाज के युवाओं पर एकतरफा कार्रवाई के विरोध में लोगों ने वीरवार की दोपहर एक बजे जीटी रोड जाम कर दिया। पुलिस ने लोगों को रोकने के लिए बेरिकेड लगाए थे जिन्हें तोड़ते हुए भीड़ आगे निकल गई। भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने आसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारी देर शाम तक जीटी रोड पर डटे हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों की दो प्रमुख मांगें हैं पहली, इंटरनेशनल एंटी खालिस्तान टेरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए दूसरी है मंड पर हमले के आरोप में गिरफ्तार दो लोगों को रिहा किया जाए। जीटी रोड जाम होने से हरियाणा के सड़क मार्ग से अन्य राज्यों का संपर्क लगभग टूट गया। हालात ऐसे बन गए कि लोग छह घंटे से भी अधिक समय तक जाम में फंसे हैं। जीटी रोड पर जाम के कारण स्कूल से छुट्टी के बाद घर जाने के लिए निकले बच्चों की बसें, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी जद्दोजहद करनी पड़ी।

हाल ही में सिख संगत ने पुलिस पर प्राथमिकी में दर्ज युवाओं को हिरासत में लेने का आरोप और एकतरफा कार्रवाई की बात कहते हुए वीरवार को पंजोखरा गुरुद्वारे में बैठक बुलाई थी जिसमें हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के प्रधान जगदीश सिंह झींडा व अन्य सदस्य शामिल रहे। बताया जाता है कि इसी दौरान संगत ने जीटी रोड जाम करने का निर्णय लिया। इसके बाद सिख समाज के लोग नारेबाजी करते हुए गुरुद्वारे से निकले। पुलिस ने पहले उन्हें गुरुद्वारे के मार्ग पर पड़ने वाले बैरिकेड पर रोका। मगर वह नहीं माने तो बैरिकेडिंग को तोड़ दिया। इसके बाद दूसरे बेरिकेडिंग पर भी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका, आंसू गैस के चार से पांच गोले भी दागे मगर वह नहीं रुके और इस बेरिकेडिंग को भी तोड़ दिया। इसे बाद बलदेव नगर के पास तीसरे बेरिकेडिंग को भी प्रदर्शनकारियों ने तोड़ दिया। इस दौरान तीनों बार पुलिस से प्रदर्शनकारियों की झड़प हुई।

दोपहर एक बजे के बाद जब भीड़ जीटी रोड पर बैठ गई और रास्ते को कंटेनरों, ट्रैक्टरों से रोक दिया तो पुलिस भी एक्शन में दोबारा से आ गई। उन्होंने पहले प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी। इसके बाद एक के बाद एक तीन से चार आंसू गैस के गोले दागे। हांलाकि, इन गोलों का अधिक असर दिखाई नहीं दिया। इसके बाद मौके पर एसपी अजीत सिंह शेखावत और आईजी पंकज नैन पहुंचे। उन्होंने प्रधान झींडा से संवाद किया। उन्होंने मांग रखी कि मंड के खिलाफ एफआईआर हो और युवाओं को छोड़ा जाए। इसके बाद ही जीटी रोड खोला जाएगा।

एनसीसी स्कूल के सामने पुलिस बेरिकेडिंग पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। इसी दौरान हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के प्रधान जगदीश सिंह झींडा की कोहनी में बैरिकेडिंग का हिस्सा लग गया और वह चोटिल हो गए। इसके बाद दोपहर एक बजे दोनों तरफ से जीटी रोड जाम कर दिया। यहां पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर जाने वाले वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। इतना ही नहीं स्थानीय स्कूलों से छुट्टी के बाद बच्चे बस में घर जा रहे थे वह भी फंस गए। लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। आने जाने का कोई साधन नहीं था।

7 अगस्त को खालिस्तान विरोधी नेता गुरसिमरन सिंह मंड छावनी स्थित पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा पहुंचे थे। इसी दौरान पार्किंग को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हुआ। मंड का आरोप था कि गुरुद्वारा साहिब में जाने पर निहंगों ने रोका व डंडों व तेजधार हथियारों से हमला कि। वह मौके से भागने लगे तो उग्र भीड़ ने हमला कर दिया। इस संबंध में वीडियो भी वायरल हुए जिसमें कुछ युवक उन्हें बुरी तरह से पीट रहे हैं। उधर, गुरुद्वारा कमेटी ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि लापरवाही से गाड़ी चलाने पर कई संगत चोटिल हुई। इसके बाद पंजोखरा थाना पुलिस ने सिख समाज के कुछ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। जबकि सिख संगत की तरफ से नेता गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ दी गई शिकायत को दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद से यह विवाद बढ़ गया।

अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर लगा जाम आखिरकार सात घंटे बाद लाठीचार्ज के बाद खुल गया। अंबाला एसपी अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि लगाए गए जाम को खुलवाने पहुंची पुलिस टीम पर उपद्रवियों ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। भीड़ में शामिल शरारती तत्वों ने धारदार हथियारों से हमला बोल दिया, जिसमें एक डीएसपी क्राइम वीरेंदर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका हाथ बुरी तरह कट गया। इस हमले में 5 से 6 अन्य पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, कई किसान भी चोटिल हो गए।

एसपी अंबाला ने बताया कि हाईवे पर जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। पुलिस ने उपद्रवियों और प्रदर्शनकारियों से कई दौर की बातचीत कर शांतिपूर्ण तरीके से जाम खुलवाने का आग्रह किया, लेकिन उपद्रवियों का इरादा मामला सुलझाने का नहीं था। जैसे ही अंधेरा होने लगा व भीड़ में छिपे शरारती तत्वों ने भाले, फरसे, तलवारें और कुल्हाड़ियों जैसे घातक हथियारों से पुलिसकर्मियों पर अचानक हमला कर दिया।

एसपी अंबाला अजीत सिंह के मुताबिक उपद्रवियों ने स्थिति को और गंभीर बनाने की नीयत से हाईवे पर फंसे एक गैस टैंकर के चालक से चाबी छीन ली और उसे डरा-धमकाकर भगा दिया। पुलिस प्रशासन द्वारा बार-बार आग्रह करने के बावजूद टैंकर को हटने नहीं दिया गया, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना रहा। इसके अलावा अन्य कई वाहनों की चाबियां भी छीन ली गईं ताकि जाम को खुलने न दिया जाए।

 

हालातों को काबू में करने और उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को बल प्रयोग कर हाईवे को क्लियर कराना पड़ा। पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस टीम और डीएसपी पर जानलेवा हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले सभी शरारती तत्वों को चिन्हित किया जा रहा है। उनके खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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